रांची से मनोज सिंह की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य के कुछ अधिकारियों के व्यवहार पर नाराजगी जतायी है. उन्होंने कहा है कि कई अधिकारी जन प्रतिनिधियों द्वारा लिखे गये पत्रों का समय पर जवाब भी नहीं देते हैं. फोन भी नहीं उठाते हैं. स्विच ऑफ मोड में डाल देते हैं. ऐसे कुछ अधिकारी अहंकार से भरे हुए हैं. श्री किशोर ने इससे संबंधित पत्र मंत्रिमंडल एवं समन्वय विभाग के अपर मुख्य सचिव व विधानसभा अध्यक्ष को लिखा है.
जनप्रतिनिधियों के पत्र का जवाब नहीं
लिखे पत्र में कहा है कि वर्ष 2021 में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग द्वारा सभी विभागों और अधीनस्थ कार्यालयों को सांसदों, विधायकों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के पत्रों का समयबद्ध उत्तर देने और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों के पत्रों का समय पर जवाब नहीं दिया जाता, फोन कॉल नहीं उठाए जाते या मोबाइल फोन स्विच ऑफ मोड में रखे जाते हैं.
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लोकतांत्रिक व्यवस्था को दुरुस्त रखना चाहती है सरकार
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और संवेदनशील प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है. ऐसे में अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों की अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित संकेत नहीं है. उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा शिष्टाचार एवं जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए. उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा होती रही तो विधायिका और कार्यपालिका के बीच दूरी बढ़ेगी, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए नुकसानदेह होगा.
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