रांची : झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना को लेकर लाभार्थियों में अक्सर यह असमंजस रहता है कि उनका पेमेंट क्यों रुक गया है. महिलाएं ब्लॉक और प्रज्ञा केंद्रों के चक्कर लगाती हैं, लेकिन सटीक कारण का पता नहीं चल पाता. महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा जारी अपडेट्स के अनुसार, राज्य सरकार ने फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया बेहद सख्त कर दी है. यदि आपकी किश्त रुकी है या नाम लिस्ट से कट रहा है, तो इसके पीछे निम्नलिखित मुख्य वजहें हो सकती हैं.
सत्यापन फॉर्म जमा न करने पर रुकेगी किश्त
प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार, जिन महिलाओं ने अभी तक अपना मंईयां सम्मान योजना सत्यापन फॉर्म 2026 (फॉर्म 25/26) अपनी स्थानीय पंचायत या आंगनबाड़ी केंद्र में जमा नहीं किया है, उनका नाम भी पोर्टल से निरस्त किया जा रहा है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन फॉर्म जमा करने में देरी करना भुगतान रुकने का सबसे प्रमुख कारण बन रहा है. इसके अलावा कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें एक ही लाभार्थी ने एक से अधिक बार आवेदन कर दिया था. सरकार ने साफ किया है कि एक आधार कार्ड से केवल एक ही फॉर्म मान्य होगा और डुप्लीकेट एंट्री पाए जाने पर आवेदन रद्द कर दिया जाएगा.
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अपात्र और बैंक खाते में डीबीटी निष्क्रिय होना भी बड़ी वजह
जांच के दौरान यदि किसी परिवार में कार, ट्रैक्टर या किसी सदस्य के सरकारी नौकरी में होने की जानकारी सामने आती है, तो उन्हें भी सरकार अयोग्य मानते हुए इस योजना की सूची से बाहर कर रही है. इसके अतिरिक्त, कई लाभार्थियों का नाम सूची में होने के बावजूद खाते में पैसा नहीं पहुंच पा रहा है. इसका मुख्य कारण बैंक खाते की एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग का फेल होना अथवा बैंक अकाउंट में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) की सुविधा एक्टिवेट न होना है. इसलिए सभी लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपने बैंक जाकर आधार सीडिंग और डीबीटी सुविधा सुनिश्चित कराएं व स्थानीय केंद्र में सत्यापन फॉर्म समय पर जमा करें.
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