तमाड़ : सर्पों की देवी मां मनसा की पूजा मंगलवार को तमाड़ समेत पूरे पंचपरगना क्षेत्र में धूमधाम और आस्था के साथ मनायी गयी. तमाड़ स्थित बड़ा तालाब में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा निकाली. इस दौरान भक्तों ने शरीर में त्रिशूल, पिन और सिफटा बेधकर भक्ति का प्रदर्शन किया.
शरीर से आर-पार कराया लोहे के पतले तार से बना त्रिशूल
युवकों ने जीभ, गाल और बांह समेत शरीर के विभिन्न हिस्सों में लोहे के पतले तार से बने त्रिशूल आर-पार कराये. इसके बाद भक्त गीत गाते और नाचते हुए मां मनसा के प्रतिमा स्थल तक पहुंचे. दिनभर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने रातभर मां मनसा की पूजा-अर्चना की. बुधवार सुबह तालाब में माता के घट का विसर्जन किया जायेगा. ग्रामीणों के अनुसार, शरीर में त्रिशूल बेधने की परंपरा वर्षों पुरानी है. मान्यता है कि मां मनसा के आशीर्वाद से ऐसा करने पर दर्द और रक्तस्राव नहीं होता. श्रद्धालुओं ने इसे आस्था, परंपरा और उत्साह का पर्व बताया.
