प्रभु यीशु जन्म के साथ प्रेम व सद्भावना का संदेश लेकर आये : रेव्ह फादर संजय तिग्गा

प्रभु यीशु का जन्म बैतूलम गांव में गोशाला की चरनी में हुआ था.

प्रतिनिधि, लापुंग.

प्रभु यीशु का जन्म बैतूलम गांव में गोशाला की चरनी में हुआ था. प्रभु यीशु के आगमन पर मानवता सजग हो उठी और चारों ओर प्रेम, सद्भावना, एकता और भाईचारा की खुशबू बिखर गयी. उक्त बातें लापुंग के सीएनआइ चर्च डुरू में क्रिसमस पर देर रात मिस्सा अनुष्ठान के दौरान पल्ली पुरोहित रेव्ह फादर संजय तिग्गा ने कही. उन्होंने प्रभु यीशु के आगमन का संदेश सुनाया और कहा कि हमारे बंधुत्व को कोई भी बंधन तोड़ नहीं पाये. चर्च में प्रभु यीशु के आगमन के साथ घंटाघर का घंटा 12 बजे रात में बज उठा. गुरुवार को चर्च में विशेष प्रार्थना सभा हुई. वहीं दूसरी ओर लापुंग प्रखंड के महुगांव, कुरकुरिया, सारंगलोया, मनहा टोंगरी रोमन कैथोलिक चर्च में क्रिसमस भजनों व गीतों के बीच प्रभु यीशु के आगमन पर चरनी की आशीष दी गयी. मिस्सा अनुष्ठान के बीच प्रभु यीशु के बालक रूप का चुंबन संस्कार किया गया. मौके पर महुगांव में फादर राजेश होरो, फादर मतियस कंडुलना, फादर ब्रिसियुस बरला, कुरकुरिया में फादर विल्फ्रेड विगेस, फादर राजेंद्र खाखा सहित अन्य लोगों ने प्रभु यीशु का संदेश सुनाया.

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By PAWAN KUMAR SAHU

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