फूलों की टोकरी और लॉटरी से शुरू होती है कोच्चि की सुबह, सिविक सेंस और टाउन प्लानिंग में भी मिसाल

कोच्चि की सुबह फूलों की खुशबू और लॉटरी की उम्मीदों से भरी होती है. शहर की बेहतरीन टाउन प्लानिंग और नागरिक चेतना हर तरफ दिखाई देती है.

बिपिन सिंह की रिपोर्ट

कोच्चि को केरल की व्यावसायिक राजधानी कहते हैं. पर यह शहर टाउन प्लानिंग और नागरिक चेतना में भी बहुत आगे है. कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी से ऑपरेट होने वाला हवाईअड्डा है. दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों के प्रभाव के कारण कोच्चि में नागरिक संस्कृति, वास्तुकला और व्यंजनों का एक अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है. सड़क किनारे फुटपाथ दुकानें नज़र नहीं आतीं. ये साफ सुथरी हैं.

सुरक्षा का अच्छा इंतज़ाम

शहर में कचरा प्रबंधन बेहतरीन है. मोहल्लों में बिजली के ट्रांसफॉर्मर को सेफ्टी पर्पज से चारों ओर लोहे की ग्रील से डेंजर साइन वाले मार्क के साथ गार्डवाल किया गया है. यह सुरक्षा का एक अच्छा इंतज़ाम है, जो पहले शायद नहीं था, और इससे दुर्घटनाओं से बचाव होता है, जिससे नागरिक चेतना का पता चलता है. होटल से मरीन ड्राइव तक की सुबह की सैर में कोच्चि के अलग-अलग रंग दिखे. खूबसूरत मरीन ड्राइव, सामने से गुजर रही हाईकोर्ट वॉटर मेट्रो स्टेशन.

आप जब सुबह-सुबह सड़कों पर सैर को निकलेंगे तो दो ही चीजें आपको मिलेंगी, लोग इन्हें खरीद रहे होते हैं. एक टोकरी भरकर फूल और दूसरा केरल की लॉटरी. जब मैं फूलों की दुकान के पास से गुज़रा, तो फूल बेचने वाले ने बताया कि सुबह-सुबह ताज़े फूल बेचना उसका रोज़ का काम है. वो ख़ुशी-ख़ुशी बताता है कि कैसे कुछ लोग तो हर सुबह यहीं से अपने घर के लिए ताज़े फूल ले जाते हैं. दूसरी ओर, लॉटरी की दुकान पर लोगों की भीड़ थी.

पारंपरिक तरीकों से नाव और जाल तैयार करते हुए मछुआरे

एक बुज़ुर्ग, जिन्होंने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा, कि वो रोज़ सुबह एक लॉटरी टिकट खरीदते हैं, एक बेहतर भविष्य की उम्मीद में. उन्होंने आगे कहा कि मोहल्ले के कई लोग अपनी उम्मीदों के लिए लॉटरी पर निर्भर हैं. एक अनोखी बात यह थी कि सड़कों पर दौड़ रहे ज्यादातर पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की बसों की खिड़कियों में शीशे नहीं लगे थे, वे पूरी तरह खुली हुई थीं. फोर्ट कोच्चि, काकनाड या मरीन ड्राइव वाला इलाका शहर के बाकी हिस्सों की तुलना में ज्यादा व्यवस्थित नज़र आता है. सड़कों पर आपको कहीं भी आवारा मवेशी या कुत्ते घूमते नहीं पाएंगे. शहर का एक बड़ा हिस्सा ऐतिहासिक और पुराने ढांचे (जैसे फोर्ट कोच्चि और मट्टनचेरी) पर आधारित है. सड़कें संकरी हैं, लेकिन व्यवस्थित हैं.

मोटर चालित परिवहन और पैदल चलने की सुविधा एक साथ

शहरी परिवहन की व्यवस्था आधुनिक और पीपल फ्रेंडली हैं. इलेक्ट्रिक फीडर, साइकिल शेयरिंग, ऊंचे पैदल रास्ते और चलने वाली पट्टियों का अच्छा मेल है. इसमें मेट्रो, वॉटर मेट्रो, सहित यात्रा के सभी साधन व्यवस्थित हैं. साधारण परिवहन के साधन और पैदल चलने की सुविधा अच्छी हैं. फुटपाथ के बगल में साइकिल लेन हैं, जो शहरी यातायात को आसान बनाते हैं.

हिजाब में सड़कों की सफाई करतीं आत्मविश्वास से भरी युवतियां

सीवरेज और सेप्टेज की व्यवस्था शानदार है. सड़कें साफ-सुथरी और ज्यादा व्यवस्थित हैं. रात के वक्त भी, खास तौर पर युवतियां, हिजाब में सड़कों की सफाई करती नज़र आती हैं.

रेस्त्रां में खाने के टेबल या फ्रिज में मिनरल बॉटल नहीं

कोच्चि बेहतरीन टाउन प्लानिंग वाला शहर है. होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में पीने के पानी को लेकर ग्राहकों को भले ही अधिकार मिल गए हैं. उपलब्ध कराना अनिवार्य है. लेकिन, कोच्चि के रेस्तरां में ग्राहकों को सादा और सुरक्षित पीने का पानी रेगुलर वॉटर को ही पीने में लाया जाता है. यहां बड़े से बड़े रेस्टोरेंट के टेबल पर बोतलबंद पानी पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर नहीं मिलता है और ना ही फ्रिज इससे भरा होता है.

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By Bipin kumar singh

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