रांची(खलारी). विगत दो दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश से खलारी प्रखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जगह-जगह जलजमाव और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. सपही, दामोदर और सोनाडुबी नदियों के साथ पहाड़ी नाले भी उफान पर हैं.
नालियों गंदगी बहकर क्वार्टरों में घुसे
सीसीएल की विभिन्न कॉलोनियों में नालियों की गंदगी बारिश के पानी के साथ सड़कों पर बहकर कई क्वार्टरों में घुस गयी. इससे कॉलोनीवासियों में नाराजगी है. पतरातू-मैक्लुस्कीगंज मार्ग पर चूरी गांव के समीप अधूरी सड़क के गड्ढों और कीचड़ के कारण आवागमन जोखिमपूर्ण हो गया है. खलारी से बाजारटांड़ जाने वाले मार्ग पर भी कई जगह जलजमाव और कीचड़ से परेशानी हो रही है. स्कूली बच्चों और अभिभावकों को भी आवागमन में कठिनाई हुई.
70 प्रतिशत घटा कोयला उत्पादन
लगातार बारिश का असर सीसीएल एनके एरिया की डकरा, केडीएच और रोहिणी परियोजनाओं में कोयला उत्पादन पर पड़ा है. सामान्य दिनों की तुलना में करीब 70 प्रतिशत कम उत्पादन हुआ है. हाल रोड पर अत्यधिक फिसलन के कारण हालपैक डंपरों का परिचालन रोक दिया गया है.
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मशीनों के डूबने की आशंका
ओपनकास्ट खदानों में पानी बढ़ने से निचले हिस्से में लगे मोटर और पंपों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है. मशीनों के डूबने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है. चूरी भूमिगत खदान में स्थिति सामान्य है. इधर,साइडिंग से कोयला लदे रेलवे रैक के परिचालन पर बारिश का खास असर नहीं पड़ा है. रेल यातायात निरीक्षक उमेश कुमार ने बताया कि केडीएच और डकरा साइडिंग से पहले की तरह सप्ताह में एक-एक रैक निकल रहा है. आरसीएम राय साइडिंग पहले से बंद है. राजधर और बचरा साइडिंग से सामान्य से एक-एक रैक कम निकला है.
