रांची: रक्षाबंधन के अवसर पर झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को राखी बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आपसी स्नेह, विश्वास, सम्मान और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने वाला अवसर है. इस पवित्र रिश्ते की भावना समाज और देश को एकजुट करने की प्रेरणा देती है.
रक्षाबंधन के मौके पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे से भी मुलाकात की और उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं. मुलाकात के दौरान राजनीतिक एवं समसामयिक विषयों के साथ झारखंड में कृषि, पशुपालन और सहकारिता क्षेत्र के विकास को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई.
झारखंड-कर्नाटक के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग पर जोर
मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाने और किसानों तक नई तकनीकों को पहुंचाने पर चर्चा हुई. पशुधन प्रबंधन के क्षेत्र में मिलकर काम करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया.
इसके अलावा दुग्ध उत्पादन एवं प्रसंस्करण, सहकारिता मॉडल, कृषि प्रसंस्करण और किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई. दोनों राज्यों की सफल पहलों और अनुभवों का आदान-प्रदान कर झारखंड के किसानों और पशुपालकों को लाभ पहुंचाने के मुद्दे पर विशेष जोर दिया गया.
कर्नाटक के सफल मॉडल झारखंड में अपनाने पर जोर
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि कर्नाटक ने कृषि, पशुपालन, दुग्ध क्षेत्र और सहकारिता के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं. ऐसे सफल मॉडलों से झारखंड के किसानों, पशुपालकों और सहकारी संस्थाओं को जोड़ने की दिशा में दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और अनुभवों का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
उन्होंने कहा कि झारखंड और कर्नाटक के बीच ज्ञान, तकनीक और अनुभवों का साझा उपयोग किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. राज्य सरकार झारखंड के किसानों और पशुपालकों के हित में देश के विभिन्न राज्यों की सफल पहलों को अपनाने और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है.
