JSSC CGL Paper Leak: SIT को बड़ी कामयाबी, यूपी के गोरखपुर से सरगना समेत दो अरेस्ट

JSSC CGL Paper Leak: जेएसएससी सीजीएल प्रश्नपत्र लीक के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसे वसूलनेवाला सरगना समेत दो गिरफ्तार कर लिए गए हैं. गोरखपुर से ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. आरोपियों ने पूछताछ में अन्य लोगों की संलिप्तता की जानकारी दी है. तलाश में छापेमारी की जा रही है.

JSSC CGL Paper Leak: रांची-जेएसएससी सीजीएल परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के नाम पर परीक्षार्थियों से धन उगाही केस में एसआइटी ने गिरोह के सरगना संदीप त्रिपाठी उर्फ शशिभूषण दीक्षित और इनके सहयोगी विवेक रंजन को गिरफ्तार किया है. दोनों की गिरफ्तारी गोरखपुर से हुई है. गिरफ्तारी के बाद एसआइटी दोनों को लेकर गुरुवार को रांची पहुंची. पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. एसआइटी ने आरोपियों के पास से कुछ परीक्षार्थियों के नाम की सूची, पैसा लेने से संबंधित डिजिटल साक्ष्य और गिरोह के अन्य सदस्यों से संपर्क होने से संबंधित साक्ष्य बरामद किया. मुख्य आरोपी ने इस मामले में कुछ अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जानकारी दी है. उनकी तलाश में एसआइटी की छापेमारी जारी है.

यूपी के गोरखपुर से हुई गिरफ्तारी


संदीप त्रिपाठी मूल रूप से गोपालगंज जिला के गिरधर परसा का रहने वाला है. वर्तमान में वह गोरखपुर जिले के हनुमंत नगर कॉलोनी लेन नंबर पांच में रहता है. वहां वह एक अस्पताल का संचालन भी करता है, जबकि विवेक रंजन गोपालगंज जिले के परखोली गांव का रहने वाला है. वर्तमान में गोरखपुर जिले के हनुमंत नगर सेक्टर दो में रहता है.

मूल प्रश्नपत्र लीक होने से संबंधित साक्ष्य नहीं मिले-एसआइटी


एसआइटी अधिकारियों के अनुसार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी अभी तक प्रत्यक्ष या भौतिक रूप से सीजीएल परीक्षा के मूल प्रश्नपत्र लीक होने से संबंधित साक्ष्य नहीं मिले हैं. केस में आगे अनुसंधान जारी है. केस में आवश्यकता के अनुसार दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जा सकता है. आरोपियों के पास से बरामद डिजिटल साक्ष्य की जांच फॉरेंसिक से करायी जायेगी.

21 और 22 सितंबर को हुई थी परीक्षा


21 और 22 सितंबर 2024 को राज्य के सभी जिलों में सीजीएल की परीक्षा तीन पालियों में आयोजित की गयी थी. परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में सीआइडी ने केस दर्ज किया था. लेकिन सीआइडी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि सीजीएल परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था. बल्कि इसके नाम पर परीक्षार्थियों को दिग्भ्रमित कर उनसे धोखाधड़ी कर धन उगाही के लिए प्रश्नपत्र लीक करने के संबंध में अफवाह फैलायी गयी थी.

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लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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