JPSC Student Protest: छात्रों के साथ सरकार की बातचीत में विलंब, मुख्यमंत्री कर रहे आपात बैठक, 4 बजे शुरू हो सकती है वार्ता

रांची में JPSC/JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और झारखंड सरकार के बीच चौथे दौर की वार्ता जारी है. कांग्रेस ने छात्रों से सरकार पर भरोसा रखने की अपील की है. देखें आगे क्या होता है.


रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट

JPSC Student Protest: झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के बीच आज सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच चौथे दौर की बातचीत होने वाली है. दोनों पक्षों के बीच यह वार्ता दोपहर 2 बजे प्रस्तावित है. फिलहाल स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि पहले सरकार की ओर से मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचेगा. इसके बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचेगा और दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू होगी.

लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्र

JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. जयपाल सिंह स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र जुटे हुए हैं और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं. आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का सिलसिला भी जारी है.

स्टेट गेस्ट हाउस नहीं पहुंचे सरकार के मंत्री

JPSC-JSSC Reform Manch ने कहा है कि सरकार की ओर से वार्ता के लिए छात्र प्रतिनिधिमंडल को स्टेट गेस्ट हाउस बुलाया गया था. प्रतिनिधिमंडल निर्धारित समय पर वार्ता के लिए तैयार होकर पहुंचने की स्थिति में है, लेकिन सरकार की ओर से संबंधित मंत्री अब तक वार्ता स्थल पर नहीं पहुंचे हैं. इस कारण छात्र प्रतिनिधिमंडल को फिलहाल इंतजार करना पड़ रहा है और बातचीत शुरू नहीं हो सकी है. मंच ने कहा कि सरकार की ओर से वार्ता शुरू होने या इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना मिलते ही मीडिया को तत्काल जानकारी दी जाएगी.

मुख्यमंत्री के साथ आपात बैठक, वार्ता 4 बजे के बाद

सूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों की प्रोजेक्ट भवन में आपात बैठक बुलाई है. इसके कारण सरकार और JPSC-JSSC आंदोलनकारी छात्रों के बीच प्रस्तावित चौथे दौर की वार्ता में देरी हो रही है. बताया जा रहा है कि अब स्टेट गेस्ट हाउस में दोनों पक्षों के बीच बातचीत शाम 4 बजे के बाद ही शुरू हो सकती है. फिलहाल छात्र प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए सरकार की ओर से आने वाले अगले संदेश का इंतजार कर रहा है.

तीन दौर की बातचीत पहले हो चुकी है

सरकार और छात्रों के बीच इससे पहले तीन दौर की बातचीत हो चुकी है. इन बैठकों में छात्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को सरकार के सामने रखा. सरकार की ओर से भी छात्रों की समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकालने का भरोसा दिया गया. हालांकि, कई अहम मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच अब तक पूरी सहमति नहीं बन सकी है. तीसरे दौर की बातचीत से पहले छात्र प्रतिनिधिमंडल को लेकर भी कुछ समय तक गतिरोध की स्थिति बनी थी. सरकार की आपत्ति के बाद छात्रों ने वार्ता के लिए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तय किया था. प्रशासन की ओर से सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय कुमार ने आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत कर प्रतिनिधिमंडल को लेकर सहमति बनाने में भूमिका निभाई थी.

सीएम आवास घेराव के ऐलान के बाद सरकार की पहल

छात्रों की ओर से मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किए जाने के बाद सरकार ने एक बार फिर बातचीत की पहल की है. चौथे दौर की वार्ता को इसी वजह से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सरकार की कोशिश है कि बातचीत के जरिए छात्रों की मांगों का समाधान निकाला जाए और आंदोलन को खत्म करने के लिए कोई स्वीकार्य रास्ता तैयार किया जा सके. छात्र प्रतिनिधियों के सामने भी चुनौती है कि वे अपनी मांगों को स्पष्ट तरीके से सरकार के सामने रखें और बातचीत से ठोस परिणाम हासिल करें. छात्रों का कहना है कि सिर्फ आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा. वे परीक्षा व्यवस्था में स्थायी और प्रभावी सुधार चाहते हैं.

परीक्षा रद्द करने से लेकर CBI जांच तक मांगें

छात्र आंदोलन में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने, CBI जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार समेत कई मांगें शामिल हैं. छात्र चाहते हैं कि परीक्षा प्रणाली को इस तरह मजबूत किया जाए कि भविष्य में किसी भी भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल न उठे.

चौथे दौर की वार्ता पर टिकीं सबकी निगाहें

अब चौथे दौर की वार्ता में छात्रों की मांगों और सरकार के प्रस्तावों पर आगे की बातचीत हो रही है. कांग्रेस की ओर से भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा गया है कि पहले गलतियां हुईं, लेकिन अब छात्रों के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा. चौथे दौर की वार्ता इसलिए अहम है क्योंकि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के बाद अब तक की बैठकों में संवाद तो बढ़ा है, लेकिन छात्रों को ठोस और स्पष्ट समाधान का इंतजार है. सरकार के सामने चुनौती केवल वार्ता करने की नहीं, बल्कि भरोसे को ठोस फैसलों में बदलने की भी है. आखिर आंदोलन में बैठे छात्रों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार बातचीत का नतीजा केवल अगली बैठक की तारीख बनेगा या कोई वास्तविक समाधान सामने आएगा.

बैठक में सरकार के मंत्री समूह के सदस्य

  • सुदिव्य कुमार सोनू
  • दीपिका पांडेय सिंह
  • संजय प्रसाद यादव
  • चमरा लिंडा

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10 सदस्यीय छात्र डेलिगेशन में कौन-कौन?

  • रविंद्र पासवान
  • पीयूष कुमार सिंह
  • रविंद्र कुमार रवि
  • कार्तिक सोरेन
  • राजेश प्रसाद
  • उमेश प्रसाद
  • शशांक कुमार
  • अंकित कुमार
  • आनंद कुमार
  • शालू कुमारी

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लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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