रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट
रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई धांधली और अनियमितताओं के मामला अब कोर्ट में पहुंचा दिया गया है. इन परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की सीबीआई से स्वतंत्र जांच कराने की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है. यह याचिका प्रार्थी बसंत प्रसाद की ओर से दाखिल की गई है.
अभ्यर्थी बोले- ''14वीं JPSC में पैसे लेकर बेचे गए पद"
याचिका में 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं. प्रार्थी का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और 'पैसे लेकर पद बेचने' का खेल खेला गया है. याचिका में कहा गया है कि नौकरियों की इस अवैध बिक्री के कारण राज्य के हजारों योग्य और मेधावी अभ्यर्थी नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं, जो उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है.
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TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की CBI जांच की मांग
जनहित याचिका में विशेष रूप से परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. प्रार्थी ने मांग की है कि TDPL द्वारा आयोजित JPSC और JSSC की तमाम परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि धांधली के इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सके.
याचिकाकर्ता बोले सीआईडी की जांच नकाफी
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष तर्क दिया है कि वर्तमान में इस मामले की चल रही सीआईडी (CID) जांच पर्याप्त नहीं है. प्रार्थी का कहना है कि इस पूरे घोटाले में कई प्रभावशाली और रसूखदार लोग शामिल हैं, जिन्हें बचाने का प्रयास किया जा सकता है. निष्पक्ष न्याय करने के लिए पूरे मामले की जांच सीआईडी से हटाकर सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए.
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