रांची से संजय पांडेय की रिपोर्ट
JPSC Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने TSR Data Processing Private Limited (TDPL) के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की है. सरकार के इस फैसले के बाद अब सवाल उठ रहा है कि आखिर TDPL ने झारखंड में कितनी और कौन-कौन सी भर्ती परीक्षाएं करायी थीं? JPSC और JSSC की करीब 15 बड़ी परीक्षाएं TDPL की जिम्मेदारी में रही हैं. इनमें संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा से लेकर JSSC CGL, JET, फील्ड वर्कर, वनरक्षक और PGT शिक्षक भर्ती जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल हैं.
TDPL के जिम्मे थीं JPSC की 10 परीक्षाएं
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, TDPL को JPSC की कुल 10 महत्वपूर्ण परीक्षाओं के आयोजन से जोड़ा गया है. इनमें नियमित और बैकलॉग भर्तियों के साथ कई अहम प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल हैं.
- संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा – रेगुलर
- संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा – बैकलॉग
- संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) – इसमें 14वीं JPSC PT भी शामिल है
- सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा
- सहायक लोक अभियोजक (APP) – बैकलॉग
- सहायक लोक अभियोजक (APP) – रेगुलर
- इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज भर्ती परीक्षा
- परियोजना प्रबंधक भर्ती परीक्षा
- बॉयलर इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा
- झारखंड पात्रता परीक्षा (JET)
JSSC की 5 बड़ी परीक्षाएं भी TDPL के जिम्मे
TDPL की भूमिका केवल JPSC तक सीमित नहीं रही. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, JSSC की भी 5 बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी एजेंसी से जुड़ी रही है.
इनमें शामिल हैं—
- झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (JGGLCCE)
- झारखंड तकनीकी/विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा
- झारखंड फील्ड वर्कर प्रतियोगिता परीक्षा
- झारखंड वनरक्षक प्रतियोगिता परीक्षा
- झारखंड PGT शिक्षक नियुक्ति परीक्षा
यानी JPSC और JSSC को मिलाकर करीब 15 बड़ी परीक्षाएं TDPL की भूमिका से जुड़ी बतायी जा रही हैं.
14वीं JPSC PT से शुरू हुआ विवाद
TDPL की भूमिका को लेकर विवाद उस समय ज्यादा चर्चा में आया, जब 14वीं JPSC PT परीक्षा को लेकर सवाल उठे. परीक्षा की प्रक्रिया और एजेंसी की भूमिका को लेकर उठे विवाद के बाद मामले की जांच CID कर रही है.
इसके बाद TDPL द्वारा पहले करायी गयी अन्य परीक्षाएं भी सवालों के घेरे में आ गयी हैं. अभ्यर्थियों की मांग है कि केवल एक परीक्षा की जांच तक मामला सीमित न रहे, बल्कि TDPL के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच हो.
सरकार ने क्या कहा?
सरकार की ओर से कहा गया है कि TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच की जाएगी. इससे उन अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है, जो लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं.
वहीं, जानकारी के मुताबिक मई 2025 के बाद JSSC ने TDPL को कोई नया काम नहीं दिया है.
छात्रों की मांग क्या है?
TDPL को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग है कि एजेंसी के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए और दोबारा परीक्षा करायी जाए. इसके साथ ही छात्र पूरे मामले की जांच CBI या ED जैसी केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग भी कर रहे हैं.
अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि परीक्षा कराने वाली एजेंसी की भूमिका पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं, तो उन परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है. ऐसे में वे चाहते हैं कि जांच पूरी होने तक पूरे मामले को पारदर्शी तरीके से सामने लाया जाए.
