रांची: जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी मामले में CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से शुक्रवार (31 जुलाई) को फिर से तीसरे दिन करीब 9 घंटे तक पूछताछ की. इसके बाद देर शाम उन्हें घर जाने की अनुमति दी गई. अब तक की जांच में सीआईडी को 14वीं सिविल सेवा पीटी परीक्षा में गड़बड़ी के कई सबूत मिले हैं. OMR शीट में गड़बड़ी के मामले में सुमन सौरभ की गिरफ्तारी और उसके द्वारा गलत तरीके से पीटी पास करने की बात स्वीकार करने के बाद परीक्षा में गड़बड़ी की पुष्टि हो चुकी है. इधर, इस्तीफा दे चुके आयोग के अध्यक्ष एल खियांग्ते पूछताछ के दौरान चुप्पी साधे हुए हैं. इन सभी तथ्यों को देखते हुए अब इस बात की प्रबल संभावना है कि जेपीएससी पीटी परीक्षा रद्द की जा सकती है. सीआईडी द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद छात्र OMR शीट की कार्बन कॉपी भेज रहे हैं. जांच के क्रम में बड़ी संख्या में गड़बड़ियां मिल रही हैं.
कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए खियांग्ते
इधर, आयोग के सदस्यों की भूमिका को लेकर पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते, परीक्षा उपनियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक और कर्मी अभय तिवारी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर अब सीआईडी की रडार पर जेपीएससी के कुछ सदस्य और अन्य लोग भी आ सकते हैं. शुक्रवार को सीआईडी अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, चयन प्रक्रिया और निजी एजेंसी की भूमिका पर खियांग्ते से सवाल पूछे. उनसे पूछा गया कि OMR शीट परीक्षा कार्य में जुटे टीडीपीएल के दफ्तर में कैसे गई, ओएमआर शीट में गड़बड़ी कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है. खियांग्ते कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे. जेपीएससी कार्यालय के साथ-साथ परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी टीडीपीएल के कार्यालय में भी तलाशी ली गई थी. जांच में टीडीपीएल के दफ्तर से कई ओएमआर शीट बरामद हुई हैं. यही ओएमआर शीट अब एल खियांग्ते से हो रही पूछताछ में गड़बड़ी की जड़ तलाशने का आधार बन रही हैं.
सुमन सौरभ की गिरफ्तारी से मिले सुराग
जांच में गुरुवार को हजारीबाग पुलिस की मदद से गिरफ्तार अभ्यर्थी सुमन सौरभ से सीआईडी को कुछ और चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं. सौरभ पर आरोप है कि उसने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा (पीटी) अनुचित तरीके से पास की थी. सुमन के पास से जो ओएमआर शीट मिली, वह जांच में दिखाए गए अभिलेखों से मेल नहीं खा रही थी. उसने यह भी कबूला कि उसने परीक्षा में सिर्फ 48 प्रश्नों के उत्तर भरे थे, इसके बावजूद वह पास घोषित हो गया.
रिमांड पर लिए गए लोगों को भेजा जेल
सीआईडी ने रिमांड पर लिए गए तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज तिवारी, तकनीकी प्रोग्रामर मो उस्मान व मो एजाद तथा टीडीपीएल कर्मी को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया. पूछताछ में मिले तथ्यों पर सौरभ सुमन की गिरफ्तारी की गई. इसके बाद सीआईडी ने इन लोगों की रिमांड दो दिनों के लिए और बढ़ाई. इस दौरान पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते के सामने इन सभी को बैठाकर पूछताछ की गई और उनसे सच्चाई उगलवाई गई.
पीटी में 2204 अभ्यर्थी सफल घोषित
जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा पीटी 19 अप्रैल 2026 को राज्य के 564 केंद्रों पर ली गई थी. दो जुलाई की देर रात इसका रिजल्ट निकला. इसमें 2204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई. मुख्य परीक्षा 25 से 27 जुलाई 2026 तक होनी थी, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया. उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को सिविल सेवा (रेगुलर), सिविल सेवा (बैकलॉग), फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, सहायक वन संरक्षक और जेट की जिम्मेदारी सौंप दी थी.
