जेपीएससी परीक्षा की जांच में सीआइडी को रोज नये तथ्य मिल रहे हैं. एपसी पूज्य प्रकाश के नेतृत्व गठित सात सदस्यीय एसआइटी जांच में जुटी है. टीम में डीएसपी सरिता मुर्मू, नेहा बाला और इंस्पेक्टर व दारोगा शामिल हैं. जानकारी के अनुसार, अलग-अलग क्षेत्रों से परीक्षा से जुड़े 15 लोगों को एसआइटी ने निशाने पर लिया है. इनसे पूछताछ हो रही है.
जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, मास्टरमाइंड माने जा रहे अभय तिवारी, टीडीपीएस के निदेशक और अन्य दो लोगों को रिमांड पर लेकर सीआइडी पूछताछ कर रही है. यह जानने का प्रयास कर रही है कि उप परीक्षा नियंत्रक और अभय तिवारी किसकी सह पर सारा काम कर रहे थे. इनकी सूचनाओं के आधार पर ही लगातार पूछताछ और नयी गिरफ्तारियां हो रही हैं.
तीन कर्मियों को जल्द रिमांड पर लेकर पूछताछ की जायेगी
जेपीएससी परीक्षा संचालित करनेवाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के गिरफ्तार तीन कर्मचारियों हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार को भी जल्द रिमांड पर लेकर पूछताछ की जायेगी. एसआइटी मुख्य रूप से इस बात की जांच कर रही है कि क्या परीक्षा खत्म होने के बाद सर्वर या ओएमआर शीट में बदलाव किया गया? क्या अभय तिवारी और इसके साथ मिले अन्य लोगों ने अभ्यर्थियों से पैसे लेकर नियुक्तियां कराईं? उन्हें क्वेश्चन बताने या अन्य मदद की ? इनके बैंक खातों में कहां-कहां से किस लिए पैसे आये? एजेंसी ने किस प्रकार काम लिया? क्या किसी अधिकारी की भूमिका इसमें संदेहास्पद रही ?
सदस्यों ने रिजल्ट पर हस्ताक्षर से किया इंकार, तब बढ़ा विवाद
दरअसल जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची थी. इसके बाद सीआइडी ने जांच शुरू की. सूत्रों के अनुसार, जेपीएससी में आंतरिक विवाद होने के बाद जानकारी सीएम तक पहुंची थी. गत 20 जून को सहायक लोक अभियोजक भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी हुआ. इस परिणाम पर आयोग के दो सदस्यों ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया. दलील यह थी कि परीक्षा एजेंसी की कार्यशैली संदेहास्पद है. इसके बाद दो जुलाई को 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे जारी हुए. इसके परिणाम पर भी तीन सदस्यों ने हस्ताक्षर से इंकार कर दिया. इसके बाद यह मामला जेपीएससी से दफ्तर से निकलकर सीएम हाउस तक पहुंच गया.
जेएसएससी ने कहा- पांच प्रमुख परीक्षाओं में टीडीपीएल एजेंसी की कोई भूमिका नहीं
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं की चल रही सीआइडी की जांच के बीच झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने अपना पक्ष रखा है. आयोग की ओर से बताया गया है कि गत 20 मई 2025 को जारी कार्यालय आदेश संख्या-131 के तहत परीक्षा लेनेवाली एजेंसी टीडीपीएल को परीक्षा संबंधी सभी कार्यों से हटाकर डी-एम्पैनल कर दिया गया था. इसके बाद एजेंसी की आयोग की किसी भी परीक्षा या अन्य गतिविधि में कोई भूमिका नहीं है.
पिछले वर्षों में हुई परीक्षाएं, वर्तमान में चल रही परीक्षाएं और भविष्य में होनेवाली किसी भी परीक्षा से भी टीडीपीएल एजेंसी का कोई संबंध नहीं है. एक प्रेस बयान जारी कर आयोग ने कहा है कि परीक्षा लेनेवाली एजेंसी टीडीपीएल का झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023, झारखंड तकनीकी/विशिष्ट स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023, स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा-2023 और झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024 के आयोजन, परीक्षा प्रबंधन या किसी भी परीक्षा संबंधी काम से कोई संबंध नहीं है. आयोग ने यह भी बताया है कि झारखंड वनरक्षक प्रतियोगिता परीक्षा की अभी अधियाचना भी आयोग को नहीं मिली है.
