रांचीः झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की शिकायतों और इसे लेकर अभ्यर्थियों द्वारा किये जा रहे आंदोलन पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले की गंभीरता को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए शिकायत प्राप्त होते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच एजेंसी को तत्काल जेपीएससी कार्यालय भेजा गया, जहां मौजूद पदाधिकारियों को गिरफ्त में लिया गया और पूछताछ की जा रही है. इस मामले की गहन जांच जारी है. उन्होंने कहा कि सरकार की सख्त कार्रवाई का ही परिणाम है कि जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. वर्तमान में वे नियमित रूप से जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होकर जांच में सहयोग कर रहे हैं.
अभ्यर्थियों से अपील- राजनीति से दूर रहें, जांच में सहयोग करें
विनोद पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार परीक्षा कानून के तहत दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. झामुमो का भी यह मानना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो, दोषियों को कानून के अनुसार, कठोर से कठोर दंड मिले और अभ्यर्थियों को निश्चित रूप से न्याय मिले. उन्होंने आंदोलनरत छात्रों और अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाते रहें, लेकिन किसी भी परिस्थिति में राजनीति का हिस्सा न बनें. यदि किसी अभ्यर्थी के पास जेपीएससी परीक्षा से संबंधित कोई महत्वपूर्ण जानकारी या साक्ष्य है, तो उसे जांच एजेंसी को उपलब्ध कराएं, ताकि जांच निष्पक्ष, प्रभावी और शीघ्रता से पूरी की जा सके.
भाजपा पहले अपने शासनकाल का हिसाब दें: आलोक
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक दुबे ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा जेपीएससी और जेएसएससी के मुद्दे पर दिखायी जा रही सक्रियता राजनीतिक अवसरवाद का उदाहरण है. जिन नेताओं ने वर्षों तक झारखंड में सत्ता चलाई. आज वे युवाओं के सबसे बड़े हितैषी बनने का नाटक कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्रियों को पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए.
युवाओं की मांग पर कांग्रेस को गंभीर होना चाहिए: बंधु तिर्की
वहीं, कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने पार्टी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश से मुलाकात कर कहा है कि पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितता को लेकर युवा सड़क पर है. कांग्रेस को इन युवाओ की मांग पर गंभीर होना चाहिए. युवाओं को न्याय मिले, यह कांग्रेस की भी जिम्मेवारी है. उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर इस मामले में कार्रवाई का आग्रह करें.
