रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट
JMM News, रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने राज्य में वोटर लिस्ट की खास जांच (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को एक पत्र भेजा है. पार्टी के बड़े नेता और केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने मांग की है कि जब चुनाव कर्मी घर-घर जाकर वोटरों की गिनती (गृह गणना) कर रहे हों, उसी समय उनसे जरूरी दस्तावेज (कागज) भी ले लिए जाएं. JMM का कहना है कि जैसे नियम पड़ोसी राज्य बिहार में लागू किए गए हैं, बिल्कुल वैसे ही साफ-साफ नियम झारखंड में भी जारी होने चाहिए.
बिहार जैसा नियम झारखंड में भी लागू करने की मांग
पार्टी ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि चुनाव विभाग ने पहले बताया था कि घर-घर जाकर सिर्फ फॉर्म लिया जाएगा और कागज बाद में जरूरत पड़ने पर मांगे जाएंगे. JMM के मुताबिक, यह तरीका भारत निर्वाचन आयोग के उन नियमों के खिलाफ है जो बिहार में लागू हुए थे. बिहार में नियम था कि फॉर्म के साथ ही वोटर को अपने कागजों की फोटोकॉपी खुद दस्तखत करके देनी थी, जिसके आधार पर ही नई वोटर लिस्ट तैयार होनी थी. JMM ने मांग की है कि अगर झारखंड के लिए कोई अलग नियम है, तो सरकार और चुनाव आयोग को उसे सबके सामने साफ करना चाहिए.
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बाद में कागज मांगने से बढ़ेगा बवाल और वोटरों को होगी दिक्कत
झामुमो ने अपनी चिट्ठी में डर जताया है कि अगर अभी कागज नहीं लिए गए और बाद में मांगे गए, तो इससे लाखों वोटरों को नोटिस भेजना पड़ेगा. इससे चुनाव के कर्मचारियों (BLO) पर काम का भारी दबाव बढ़ जाएगा और आम जनता को भी फालतू की भाग-दौड़ और परेशानी झेलनी पड़ेगी. पार्टी का कहना है कि जब चुनाव आयोग कंप्यूटर और नई तकनीक से गड़बड़ियों को पकड़ ही रहा है, तो संदिग्ध मामलों में घर-घर जाकर गिनती के समय ही कागज ले लेना सबसे अच्छा और आसान रास्ता होगा.
