रांची से विवेक चंद्रा की रिपोर्ट
Jharkhand Voter List Revision, रांची : झारखंड में मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) को पूरी तरह दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग आगामी 20 जून से ‘विशेष गहन सुधार और जांच कार्यक्रम’ (SIR) की शुरुआत करने जा रहा है. रांची के निर्वाचन सदन में शुक्रवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रविकुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक की. बैठक में उन्होंने साफ किया कि इस पूरे अभियान का मकसद वोटर लिस्ट से गड़बड़ियों को दूर करना है. इसमें किसी भी असली नागरिक का नाम बिना जांच और सुनवाई के नहीं हटाया जाएगा.
23 मई से दो सप्ताह तक दिखेगी ‘अनमैप्ड’ वोटरों की लिस्ट
झारखंड के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के. रविकुमार ने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची का पुरानी सूची के साथ मिलान (मैपिंग) का काम तेजी से चल रहा है. इसके तहत 23 मई से अगले दो हफ्तों तक उन सभी मतदाताओं की सूची संबंधित पोलिंग बूथों (मतदान केंद्रों) पर चिपकाई जाएगी, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई है. ऐसे सभी वोटर अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से मिलकर अपनी सही जानकारी दे सकते हैं और सुविधानुसार अपनी मैपिंग पूरी करवा सकते हैं.
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5 अगस्त को जारी होगी मृत और डुप्लिकेट वोटरों की सूची
चुनाव आयोग 5 अगस्त 2026 को मतदाता सूची के नए प्रारूप (ड्राफ्ट) का प्रकाशन करेगा. इसी दिन राज्य में एब्सेंट, शिफ्टेड (दूसरी जगह गए), मृत (Deceased) और डुप्लिकेट मतदाताओं की ‘ASDD सूची’ भी जारी की जाएगी. यह पूरी सूची राजनीतिक दलों को बूथवार हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में मुफ्त दी जाएगी. आम लोग इस जानकारी को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देख सकेंगे.
झूठी जानकारी दी तो जेल की हवा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कड़े लहजे में स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है. कोई भी गैर-भारतीय नागरिक (विदेशी) इसमें शामिल होने की कोशिश न करें. यदि कोई व्यक्ति वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या सुधार के लिए झूठा दावा या मिथ्या घोषणा करता है, तो उसके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत सीधी कानूनी कार्रवाई (FIR) की जाएगी.
बैठक में उठे अहम सवाल और नेताओं के सुझाव
बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने चुनाव आयोग के सामने कई जरूरी बातें और सवाल रखे. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने पूछा कि क्या इस ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को ग्राम सभा और वार्ड कमेटियों की बैठकों में पढ़कर सुनाया जाएगा? इस पर सीईओ ने साफ किया कि लिस्ट पंचायत भवनों में जरूर लगाई जाएगी, लेकिन बीएलओ इसे ग्राम सभा में पढ़ने नहीं जाएंगे. लोग इसे वेबसाइट पर सर्च कर सकते हैं. कांग्रेस नेता सूर्यकांत शुक्ला और लाल किशोर नाथ शाहदेव ने मांग की कि बिना उचित जांच और मतदाता का पक्ष सुने किसी भी नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जाना चाहिए, जिस पर आयोग ने सहमति जताई. चुनाव आयोग ने सभी दलों से हर बूथ पर अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति जल्द पूरी करने को कहा है. इन एजेंटों को 15 जून से विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. इस उच्चस्तरीय बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, ट्रेनिंग नोडल देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर सहित कई दलों के नेता मौजूद रहे.
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