रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट
Jharkhand Tribal Language, रांची : जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा बचाओ मोर्चा ने अलग-अलग भाषाओं के लिए कमेटी गठित की है. भाषाओं के संरक्षण के लिए संयोजक, सह-संयोजक और प्रवक्ता बनाये गये हैं. अलग-अलग भाषा को शिक्षाविद और जानकारों को इसमें शामिल किया गया है. कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की के आवास पर नयी टीम का स्वागत किया गया. नवगठित समिति के मुख्य संयोजक के साथ ही सभी नौ भाषा के संयोजकों, सहसंयोजकों एवं प्रवक्ता का अभिनंदन किया गया. मुख्य संयोजक विक्की मिंज का अभिनंदन किया गया. बंधु तिर्की ने कहा कि सभी भाषाओं के लिए काम करने वाले पदाधिकारी आपस में समन्वय बना कर चलें. झारखंडी भाषा-संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए जुटे.
कौन किस भाषा के बने संयोजक
- मुंडारी भाषा : संयोजक बिनाधर सांडिल, सह संयोजक सेरोफिना हेमरोम और लेबयान मुंडू
- कुरमाली भाषा: संयोजक कुमार ऋषि और सह संयोजक संतोष टिडुआर, जगतपाल महतो,
- नागपुरी भाषा : संयोजक विकी मिंज और सह संयोजक पप्पू कुमार महतो, धीरज नायक
- कुडुख भाषा : संयोजक प्रियंका उरांव और सह संयोजक सुखराम उरांव, जगदीश उरांव,
- संताली भाषा : संयोजक डॉ. डुमनी माई मुर्मू और सह संयोजक नारायण मरांडी, सलमा टुडू, दिव्या मुर्मू दिव्या मुर्मू,
- खोरठा भाषा : संयोजक डॉ. दिनेश दिनमणि और सह संयोजक डॉ. बसंत कुमार, परशुराम मानकी,
- खड़िया भाषा : संयोजक बंदना सोरेंगे और सह संयोजक सोनिया कल्लू, किरण डुंगडुंग
- पंचपरगनिया भाषा : संयोजक डॉ. एंथोनी मुंडा और सह संयोजक सहदेव महतो, विद्यासागर यादव
- हो भाषा के संयोजक डॉ. सरस्वती गगराई और सह संयोजक डॉ. जय किशोर मंगल और कृष्णा हेंब्रम
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