रांची : पूरे झारखंड में दो दिनों में 57 मिमी भारी बारिश दर्ज की गयी है. इस कारण भैरवी, दामोदर, स्वर्णरखा और खरकई नदियां उफान पर हैं. झारखंड में वर्ष 2026 में तीन महीने में ही 785.7 मिमी बारिश हो गयी है. यह अवधि एक जून से एक सितंबर 2026 तक की है. हालांकि अभी भी इस तीन माह में सामान्य से तीन प्रतिशत कम बारिश हुई है. इस अवधि में झारखंड में सामान्य बारिश 307.1 मिमी होती है.
तीन माह में पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 54%, लातेहार-23%, सिमडेगा-09%, सरायकेला खरसावां-18%, लोहरदगा-06%, जमशेदपुर-14%, खूंटीं-02% और रांची में 10% अधिक बारिश हो गयी है. झारखंड में एक वर्ष में सामान्यतः औसतन 1000 से 1400 मिमी के बीच बारिश का रिकॉर्ड है. इधर, बारिश ने जन जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. सबसे ज्यादा असर रांची सहित पलामू और कोल्हान में पड़ा है.
बारिश से नदियों का बढ़ा जलस्तर
नदियों का जलस्तर बढ़ जाने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गयी है. जिससे लोगों की चिंता बढ़ गयी है. गोमिया प्रखंड में जेवीवीएनएल के 33/11 केवी गोमिया विद्युत सवस्टेशन परिसर में भारी जलजमाव हो गया. जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गयी. चास में नये फोरलेन का डिवाइडर टूट गया है. रांची के कांके और गेतलसूद डैम में पानी भरने से एक-एक गेट खोलने पड़े हैं. तेनुघाट डैम के कुल आठ रेडियल गेट और एक अंडर स्लूज गेट खोले गये हैं, वहीं चांडिल डैम का जलस्तर 179.84 मीटर पहुंच गया है, जिससे सभी 13 रेडियल गेट खोल दिये गये हैं.
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर
मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के 36 घंटे में झारखंड के पश्चिमी भाग होते हुए उत्तरी ओड़िशा, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की तरफ बढ़ने की पूरी संभावना है, जिससे 2 सितंबर को गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार में भारी बारिश की संभावना है.
अन्य जिलों में आकाश में बादल छाये रहने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है. 3 सितंबर से मौसम साफ होने की उम्मीद है, जबकि 4 सितंबर को गर्जन के साथ कहीं-कहीं तेज हवा चल सकती है.
ये भी पढ़ें: कुलपतियों के लिए महामहिम का नया फरमान, अब साल में सिर्फ 15 दिन की ड्यूटी लीव
