रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट
Jharkhand Rajya Sabha Election, रांची : झारखंड की दो राज्यसभा सीटों समेत देश के 10 राज्यों की कुल 24 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई. चुनाव आयोग ने जून-जुलाई 2026 में सेवानिवृत्त (Retire) हो रहे राज्यसभा सदस्यों की खाली सीटों पर चुनाव कराने के लिए 1 जून को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. इसके साथ ही सूबे में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है.
दीपक प्रकाश और शिबू सोरेन की खाली हो रही सीट
झारखंड में जिन दो राज्यसभा सीटों के लिए यह पूरी चुनावी प्रक्रिया चल रही है, वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दीपक प्रकाश और झामुमो (JMM) के दिवंगत नेता शिबू सोरेन के कार्यकाल खत्म होने से खाली हो रही हैं. इसमें बीजेपी नेता दीपक प्रकाश का मौजूदा कार्यकाल आगामी 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है.
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8 जून तक पर्चा भर सकेंगे उम्मीदवार, यहां देखें पूरा शेड्यूल
चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद से ही उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार:
- उम्मीदवार आगामी 8 जून तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे.
- दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को की जाएगी.
- उम्मीदवार 11 जून तक अपना नाम वापस ले सकते हैं.
- यदि आवश्यक हुआ तो 18 जून को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक वोट डाले जाएंगे.
- मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद उसी दिन (18 जून को ही) वोटों की गिनती की जाएगी और चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे.
झारखंड में इंडिया गठबंधन के पास है ‘जादुई आंकड़ा’
झारखंड में 18 जून को राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने जा रहे मतदान का गणित पूरी तरह से संख्या बल पर टिक गया है. राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा की वर्तमान स्थिति के अनुसार, दोनों सीटों पर फतह हासिल करने के लिए कुल 56 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी. वर्तमान में राज्य के सत्ताधारी ‘इंडिया गठबंधन’ के पास सदन में ठीक 56 विधायकों का समर्थन मौजूद है, जो जीत के लिए जरूरी सटीक आंकड़ा है. गठबंधन में शामिल दलों की स्थिति इस प्रकार है
- झामुमो (JMM): 34 विधायक
- कांग्रेस (CONGRESS): 16 विधायक
- राजद (RJD): 04 विधायक
- माले (CPI ML): 02 विधायक
क्या है बड़ी चुनौती?
हालांकि कागज पर गठबंधन के पास पर्याप्त नंबर्स हैं, लेकिन यह जीत तभी सुनिश्चित हो पाएगी जब झामुमो, कांग्रेस, राजद और भाकपा माले के सभी 56 विधायक पूरी तरह एकजुट रहें. गठबंधन के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने सभी विधायकों को एक सूत्र में बांधे रखना और इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान कराना होगा. यदि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की क्रॉस वोटिंग या अनुपस्थिति होती है, तो यह समीकरण बदल भी सकता है.
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