रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में पूर्व की सरकारों ने राज्य को खोखला बना दिया. यहां वैसे लोगों ने राज किया, जिन्हें यहां के मूलवासी, आदिवासी दलित, अल्पसंख्यक से कोई लेना-देना नहीं था. राज्य में जल, जंगल, जमीन व भरपूर संपदा होने के बावजूद यहां के आदिवासी, मूलवासी, दलित, अल्पसंख्यक वर्षों से उपेक्षित थे. यही कारण है कि वर्ष 2019 के चुनाव में जनता ने यूपीए गठबंधन सरकार पर भरोसा किया.
मुख्यमंत्री सोमवार को निर्मल महतो के 35वें शहादत दिवस पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार को जनता ने चुनाव में सबक सिखाया. ऐसे लोगों की कहानी ही खत्म हो गयी. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में प्रतिभाओं की कमी नहीं हैं.
राज्य में जल्द पुलिस, शिक्षक व जनजातीय भाषाओं में बहाली की जायेगी. इससे पहले मुख्यमंत्री ने निर्मल महतो को श्रद्धांजलि अर्पित की. संचालन विधायक रामदास सोरेन ने किया. मौके पर विधायक संजीव सरदार, मंगल कालिंदी, समीर मोहंती, पवन कुमार, आस्तिक महतो, फणींद्र महतो, अजय रजक व अन्य मौजूद थे.
केंद्र ने योजना बनायी, लेकिन दाल नहीं गली :
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने सभा में कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड में सत्ता बदलने की योजना बनायी थी, लेकिन उनकी दाल नहीं गली. झारखंड के लोग धैर्यवान हैं अौर यहां के लोग किसी से डरते भी नही हैं. यह बिरसा मुंडा और सिदो कान्हू की धरती है. यूपीए सरकार जल, जंगल जमीन और यहां के लोगों की हिफाजत के लिए मुस्तैदी के साथ खड़ी है.
Posted By: Sameer Oraon
