'जामताड़ा पुलिस, इरफान पुलिस बनना बंद करे!' - झारखंड BJP का हेमंत सरकार पर हमला, जानें पूरा मामला

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर लोकतंत्र का हनन करने का गंभीर आरोप लगाया है. जामताड़ा पुलिस पर मंत्री इरफान अंसारी के इशारे पर काम करने और भाजपा नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया है.

रांची से सतीश सिंह की रिपोर्ट

Jharkhand Politics News, जामताड़ा: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बीजेपी के इस ने तीखा आरोप लगाया कि झारखंड में इस वक्त लोकतंत्र नहीं, बल्कि पूरी तरह से तानाशाही चल रही है. उन्होंने जामताड़ा पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि वह 'इरफान पुलिस' बनना बंद करे और संविधान के दायरे में रहकर काम करे.

प्रसूता की मौत पर न्याय मांगने वालों को बनाया जा रहा निशाना

पूरे मामले की जानकारी देते हुए प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जामताड़ा में एक प्रसूता (रीना देवी) की कथित रूप से इलाज में लापरवाही के कारण मौत हो गई थी. इस घटना के खिलाफ जब भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने न्याय की मांग की, तो उन्हें डराने-धमकाने के लिए पुलिस तंत्र का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जामताड़ा पुलिस स्थानीय मंत्री इरफान अंसारी के इशारे पर काम कर रही है. पुलिस ने भाजपा के जिलाध्यक्ष सुमित शरण और अन्य पार्टी नेताओं के घरों पर छापेमारी (रेड) की और उनके परिवार के सदस्यों के साथ ऐसा सलूक किया जैसे वे कोई दुर्दांत अपराधी हों.

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'अस्पताल में तोड़फोड़ हुई, तो CCTV फुटेज सार्वजनिक करे सरकार'

प्रतुल शाहदेव ने पुलिसिया कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया पर भी बड़े सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि अगर भाजपा नेताओं पर अस्पताल में तोड़फोड़ करने के आरोप सही हैं, तो सरकार और प्रशासन उस समय के सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे हैं? फुटेज छुपाना यह बताता है कि आरोप मनगढ़ंत हैं. मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि कानून के मुताबिक पुलिस को पहले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस देना चाहिए था. लेकिन पुलिस ने नियमों को ताक पर रखकर सीधे नेताओं के घरों पर रेड मार दी.

DGP पर भी साधा निशाना, कहा- 'अफसर सरकार का टूलकिट न बनें'

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला दावा करते हुए प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जब इस ज्यादती को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) से संपर्क करने की कोशिश की, तो डीजीपी ने न तो उनका फोन उठाया और न ही किसी मैसेज का जवाब दिया. उन्होंने राज्य के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, "अफसर मौजूदा सरकार का टूलकिट न बनें. सरकारें तो आती-जाती रहती हैं, इसलिए अधिकारी संविधान के दायरे में रहकर अपनी ड्यूटी करें."

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Published by: Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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