रांची से सुनील चौधरी और आनंद मोहन की रिपोर्ट
Jharkhand Politics News, रांची : दिल्ली में आयोजित स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन कार्यक्रम पर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. मुख्य सत्ताधारी दल झामुमो और विपक्षी दल भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. शनिवार को बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई बड़ी बड़ी घोषणा को महज निवेश प्रस्तावों का री-पैकेजिंग बताया है. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर कहा कि अभी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य में 99,639 करोड़ के निवेश को लेकर बड़ी-बड़ी घोषणा कर रहे हैं. लेकिन इसमें अधिकांश निवेश नये नहीं हैं, बल्कि दावोस व यूके यात्रा के बाद लगभग छह महीने पहले घोषित निवेश प्रस्तावों की री-पैकेजिंग है. सरकार पुरानी घोषणाओं पर नया रैपर चढ़ाकर जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रही है. राज्य सरकार हवाई घोषणा कर रही है.
पहले वाले एमओयू का क्या स्पष्ट करें : प्रतुल शाहदेव
शाहदेव पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आगे कहा कि सरकार खुद फरवरी 2026 में दावोस और यूके यात्रा के बाद 1.27 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों की घोषणा कर चुकी थी. उस समय जिन कंपनियों के साथ समझौते और निवेश प्रस्तावों का प्रचार किया गया था, उन्हीं में से अधिकांश को अब दिल्ली में फिर से नये निवेश के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है. उन्होंने पूछा कि यदि ये वास्तव में नए एमओयू हैं, तो सरकार स्पष्ट करें कि पहले वाले एमओयू का क्या हुआ? सरकार बताये कि पिछले छह महीनों में इन परियोजनाओं पर कितना वास्तविक निवेश हुआ, कितनी भूमि आवंटित हुई, कितने उद्योगों का निर्माण शुरू हुआ और कितने स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला. भाजपा के मुख्य प्रवक्ता ने 30,000 करोड़ के जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा पूरी तरह केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है. किसी भी परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना केवल राज्य सरकार और किसी निजी कंपनी के बीच एमओयू से संभव नहीं है. केंद्र द्वारा 2025 में लाए गए शांति एक्ट ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में निजी निवेश की संभावना का प्रावधान रखा है लेकिन इसके लिए भी बहुत सारे दिशा निर्देश हैं. श्री शाहदेव ने कहा है कि क्या राज्य सरकार ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर करने से पहले केंद्र सरकार, परमाणु ऊर्जा विभाग अथवा संबंधित नियामक संस्थाओं से आवश्यक अनुमति या सहमति प्राप्त की है. मौके पर सह मीडिया प्रभारी अजय राय और नीरज सिंह भी मौजूद थे.
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झामुमो ने किया पलटवार
बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल के इस बयान के बाद हेमंत कैबिनेट में मंत्री सह झामुमो के वरिष्ठ नेता सुदिव्य सोनू ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने इस स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन को शत-प्रतिशत सफल बताया है. विपक्ष भाजपा द्वारा इस आयोजन को री-पैकेजिंग बताने के आरोपों पर उन्होंने टूक लहजे में कहा कि विपक्षी दल के पास वर्तमान में मुद्दों का भारी अभाव है. फिलहाल वे शून्य की स्थिति में हैं.
उद्योग और पर्यटन नीतियों को मिलेगी नयी दिशा
मीडिया के सवालों पर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर के हितधारकों के साथ हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य की विकास नीतियों को एक नई ऊर्जा देना था. उन्होंने कहा कि इस कंसल्टेशन के माध्यम से राज्य की औद्योगिक नीति, टूरिज्म पॉलिसी, होमस्टे पॉलिसी और आईटी सेक्टर में खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े विषयों को एक नयी दिशा मिली है. हितधारकों से मिले महत्वपूर्ण इनपुट के आधार पर नीतियों को बेहतर ढंग से डिजाइन किया जा रहा है.
मंत्री बोले- 60 दिनों में दिखेगा असर
मंत्री सुदिव्य ने बताया कि इस दौरान टाटा, जिंदल, अंबुजा सीमेंट और कोका-कोला (बॉटलिंग प्लांट) जैसी देश की प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ निवेश के प्रस्तावों और एमओयू पर चर्चा हुई है. ये वे कंपनियां हैं जो पहले से ही झारखंड के इकोसिस्टम को अच्छी तरह समझती हैं और वर्षों से यहां कार्यरत हैं, जिससे धरातल पर काम शुरू होने में समय नहीं लगेगा. उन्होंने दावा किया कि अगले 60 दिनों के भीतर इन सभी नीतियों को पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा, जिसका सीधा और बड़ा लाभ झारखंड के पर्यटन, उद्योग और रोजगार क्षेत्र को मिलेगा.
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