Jharkhand News: मरीज से पैसा लेने के मामले में RIMS के कार्डियेक सर्जन डॉ अंशुल को शो-कॉज

मरीज से पैसा लेने के मामले में रिम्स(RIMS) के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुल सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के कार्डियेक सर्जन डॉ. अंशुल कुमार को रिम्स प्रबंधन ने शो-कॉज जारी किया है. 48 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है.

Ranchi news: मरीज से पैसा लेने के मामले में रिम्स(RIMS) के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुल सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के कार्डियेक सर्जन डॉ. अंशुल कुमार को रिम्स प्रबंधन ने शो-कॉज जारी किया है. अपर निदेशक (प्रशासन) चंदन कुमार ने चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉ.अंशुल को पक्ष रखने को कहा है. यह आदेश शनिवार को जारी किया गया है. 48 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है. आदेश में कहा गया है कि अगर उपस्थित होकर निर्धारित समय में अपना पक्ष नहीं रखते हैं, तो यह समझा जायेगा कि इस संबंध में कुछ नहीं कहना है.

पैसा देने के बाद मरीज का नहीं हुआ सही इलाज

शो-कॉज में डॉ. अंशुल को जांच प्रतिवेदन के साथ-साथ यह भी बताया गया है कि विभाग में इलाजरत मरीज अब्दुल्ला मल्लिक ने लिखित रूप में कहा है कि उसने 40,000 रुपये नकद दिया है. वहीं, दवा के लिए 1100-1100 रुपये तीन बार दिये हैं. पैसा देने के बाद मरीज को निजी चिकित्सक डॉ. कुणाल हजारे के क्लिनिक में जाने को कहा. इसकी पर्ची की फोटो कॉपी भी उपलब्ध करायी गयी है. वहीं, इलाज के शुरुआती समय से ही ऑपरेशन करने के बारे में टाल-मटोल किया जाता रहा. वहीं, इस मामले को लेकर सीटीवीएस के विभागाध्यक्ष ने रिम्स प्रबंधन को पैसे लेने की जानकारी दी और उसके बाद जांच की गई.

Also Read: झारखंड में दस-दस साल से एक ही जगह जमे हैं डॉक्टर, तबादला दो साल वालों का

रिम्स प्रबंधन को दी थी मरीजों से पैसा वसूले जाने की जानकारी

गौरतलब है कि 2 अगस्त को सीटीवीएस के विभागाध्यक्ष डॉ. विनीत महाजन ने विभाग में मरीजों से पैसा वसूले जाने की जानकारी रिम्स प्रबंधन को दी थी. इसके बाद प्रशासन ने विभाग का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है. वहीं, विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी से फिलहाल डॉ. महाजन को मुक्त कर दिया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Contributor

Guest Contributor - Prabhat Khabar

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >