झारखंड के नक्सली हमले में मारे गये 794 नागरिकों के आश्रितों को मिली नौकरी, मनरेगा का सोशल ऑडिट भी जल्द

झारखंड में हुए विभिन्न नक्सली हमले में मारे गये नागरिकों के 794 परिजनों को को नौकरी मिली है. ऐसे हमले में मारे गये लोगों की संख्या 1587 है, जिन्हें जल्द ही नौकरी दे दी जाएगी. ये बातें कल विधानसभा में मंत्री आलमगीर आलम ने कही

रांची: विधानसभा में प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि नक्सली घटना में मारे गये 1587 नागरिकों में से 794 के आश्रितों को नौकरी मिली है. इसके साथ 1086 को अनुदान राशि का लाभ दिया गया है. बाकियों को भी जल्द इसका लाभ मिलेगा. उन्होंने यह बातें भाजपा विधायक बिरंची नारायण की ओर से उठाये गये सवाल के जवाब में कही.

श्री आलम ने बताया कि 2010 से लागू आत्मसमर्पण नीति के तहत जनवरी 2022 तक 231 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने सरकार से पूछा था कि 2010 की आत्मसमर्पण नीति के बाद सरेंडर करने वालों को सुविधा मिल जाती है, लेकिन नक्सल घटना में मारे गये लोगों के आश्रितों को लाभ क्यों नहीं मिल पा रहा है.

जेएसएलपीएस ही करेगी मनरेगा का सोशल ऑडिट

रांची. मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि मनरेगा में सामाजिक अंकेक्षण का काम सोशल ऑडिट यूनिट जेएसएलपीएस ही करेगी. केंद्र सरकार के निर्देश पर सोशल ऑडिट यूनिट से अंकेक्षण का काम कराया जा रहा है. अगर इससे अंकेक्षण नहीं कराया गया तो केंद्र सरकार की ओर से ग्रांट रोक दिया जायेगा. विधायक समीर मोहंती के सवाल के जवाब में मंत्री ने यह बातें कही. विधायक ने ग्राम सभा के माध्यम से सामाजिक अंकेक्षण कराने का आग्रह किया था.

Posted By: Sameer Oraon

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By Prabhat Khabar News Desk

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