शराब घोटाला मामले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, झारखंड के आईएएस अधिकारी विनय चौबे और गजेंद्र सिंह गिरफ्तार

Jharkhand Liquor Scam: झारखंड में शराब घोटाला मामले में मंगलवार को वरिष्ठ आईएएस अफसर विनय चौबे को गिरफ्तार (Vinay Choubey IAS Arrest) कर लिया गया है. उनका छत्तीसगढ़ शराब घोटाला से भी कनेक्शन बताया जा रहा है. अप्रैल 2023 में वह रायपुर में बयान दर्ज कराने के लिए गये थे. आज एसीबी ने कई घंटे की पूछताछ के बाद विनय चौबे को गिरफ्तार कर लिया.

IAS vinay choubey arrested in Jharkhand liquor scam

Jharkhand Liquor Scam: झारखंड में शराब घोटाला मामले में मंगलवार को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे (Vinay Choubey IAS Arrest) और गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. दिन में एसीबी की टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर एटीएस मुख्यालय में लंबी पूछताछ की. बाद में आबकारी विभाग से जुड़े रहे दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया. सुबह करीब 11 बजे एसीबी की टीम विनय चौबे के आवास पर पहुंची और आईएएस अधिकारी को अपने साथ ले गयी थी. शाम में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. विनय चौबे को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें 3 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. बाद में उन्हें होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार ले जाया गया.

आबकारी नीति में अनियमितताओं के आरोपों की एसीबी ने शुरू की थी जांच

झारखंड में हुए कथित आबकारी घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में एसीबी ने विनय कुमार चौबे को गिरफ्तार किया. एक अधिकारी ने बताया कि विनय चौबे को घंटों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया. एसीबी ने आबकारी विभाग के सचिव के रूप में चौबे के कार्यकाल के दौरान आबकारी नीति में अनियमितताओं के आरोपों की जांच शुरू की थी.

शराब घोटाला मामले में एसीबी की गिरफ्त में विनय कुमार चौबे.

अक्टूबर में ईडी ने विनय चौबे के ठिकानों पर मारे थे छापे

इससे पहले झारखंड सरकार ने 1999 बैच के आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति दी थी. अधिकारी के मुताबिक, एसीबी की एक टीम सुबह विनय चौबे के आवास पर पहुंची और उन्हें पूछताछ के लिए ब्यूरो के मुख्यालय ले गयी. आबकारी विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह से भी एसीबी ने पूछताछ की. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित आबकारी घोटाले की जांच के तहत अक्टूबर 2024 में विनय कुमार चौबे और गजेंद्र सिंह से जुड़े परिसरों पर छापे मारे थे.

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वर्ष 2022 की उत्पाद नीति से संबंधित है मामला

विनय चौबे का यह मामला झारखंड में 31 मार्च 2022 से नयी उत्पाद नीति से संबंधित है. आरोप है कि जनवरी 2022 में झारखंड में उत्पाद नीति में बदलाव के लिए छत्तीसगढ़ के अधिकारियों के साथ तत्कालीन उत्पाद सचिव और अन्य अधिकारियों ने प्लान किया और रायपुर में बैठक की थी. यह भी आरोप है कि उत्पाद नीति लागू होने के बाद भी लगातार 2 वर्षों तक झारखंड उत्पाद नीति में छत्तीसगढ़ की एजेंसियां कार्यरत रहीं. नकली होलोग्राम, अवैध शराब की सप्लाई से झारखंड सरकार को करोड़ों की क्षति हुई.

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से भी है विनय चौबे का कनेक्शन

विनय चौबे का छत्तीसगढ़ शराब घोटाला से भी कनेक्शन बताया जाता है. छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की आर्थिक अपराध शाखा ने पिछले दिनों झारखंड सरकार के कार्मिक विभाग को इससे संबंधित पत्र लिखा था. पत्र में कहा गया था कि छत्तीसगढ़ एसीबी विनय कुमार चौबे और उत्पाद विभाग के अफसर गजेंद्र सिंह के खिलाफ अभियोजन चलाना चाहती है और इसके लिए स्वीकृति चाहती है. वह दोनों अफसरों पर मुकदमा दर्ज करना चाहती है.

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छत्तीसगढ़ शराब कांड में आरोपी हैं विनय चौबे, गजेंद्र सिंह

दरअसल, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की आर्थिक अपराध शाखा ने शराब घोटाले का एक मामला दर्ज किया था. इसमें छत्तीसगढ़ के कई अफसरों के साथ-साथ झारखंड के विनय चौबे और गजेंद्र सिंह को भी आरोपी बनाया गया था. विनय चौबे अप्रैल 2023 में छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में अपना बयान दर्ज करवा चुके हैं. विनय चौबे के अलावा करण सत्यार्थी ने भी अपना बयान रिकॉर्ड करवाया है.

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विनय और करण ने रायपुर जाकर दर्ज कराया था बयान

झारखंड के अधिकारियों विनय चौबे और गजेंद्र सिंह पर आरोप है कि छत्तीसगढ़ के अधिकारियों अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी के सिंडिकेट के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ और झारखंड सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचायी. झारखंड कैडर के 2 आईएएस अधिकारी विनय चौबे और करण सत्यार्थी ने रायपुर जाकर ईडी के कार्यालय में अपना बयान दर्ज कराया था. झारखंड में भी एसीबी ने शराब घोटाला मामले में एक पीई दर्ज की थी. इसी मामले में विनय चौबे और गजेंद्र सिंह गिरफ्तार कर लिये गये हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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