Jharkhand High Court: झारखंड के सारंडा जंगल में बनेगा वन्यजीव आश्रयणी, 12 साल बाद सरयू राय की PIL निष्पादित

Jharkhand High Court: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में अवैध खनन से प्रदूषण मामले में दाखिल जनहित याचिका (PIL) 12 साल बाद हाईकोर्ट से निष्पादित कर दी गयी. सुप्रीम कोर्ट ने सारंडा में वन्य आश्रयणी बनाने का आदेश दिया है. विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय ने झारखंड हाईकोर्ट ने इस बाबत जनहित याचिका दायर की थी. चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने इसे निष्पादित किया.

Jharkhand High Court: रांची, राणा प्रताप-झारखंड हाईकोर्ट ने सारंडा जंगल में अवैध खनन से हो रहे प्रदूषण मामले में विधायक सरयू राय की ओर से दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की. झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी और राज्य सरकार का पक्ष सुना. इस मामले में प्रार्थी की दलील सुनने के बाद खंडपीठ ने जनहित याचिका को निष्पादित कर दिया. 12 साल बाद यह जनहित याचिका निष्पादित की गयी है.

सुप्रीम कोर्ट का सारंडा में वन्य आश्रयणी बनाने का आदेश


प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले में दिये गये आदेश की प्रति झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत की. सुप्रीम कोर्ट ने सारंडा में वन्य आश्रयणी बनाने का आदेश दिया है.

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सरयू राय ने दायर की थी जनहित याचिका


प्रार्थी विधायक और झारखंड के पूर्व मंत्री सरयू राय ने वर्ष 2012 में झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. उन्होंने सारंडा जंगल और आसपास के इलाकों में आयरन ओर से हो रहे प्रदूषण को रोकने की मांग की थी.

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लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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