रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट
Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव से जुड़े चर्चित धर्म परिवर्तन, यौन उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल की जमानत याचिका खारिज कर दी है. जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया.
क्रिमिनल अपील के साथ दायर की गई थी जमानत याचिका
रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील दायर की है. इसी अपील के साथ अंतरिम जमानत के लिए एक इंटरलोक्यूटरी एप्लिकेशन (आईए) भी दाखिल किया गया था. सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने प्रार्थी और प्रतिवादी दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं. इसके बाद अदालत ने जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए उसे खारिज कर दिया.
साढ़े सात वर्ष से अधिक समय से जेल में होने का तर्क
प्रार्थी की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल पिछले सात वर्ष छह माह से अधिक समय से जेल में बंद है. इसी आधार पर उसे जमानत देने का आग्रह किया गया. हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस तर्क को जमानत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं माना और राहत देने से इनकार कर दिया.
सीबीआई अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा
इस बहुचर्चित मामले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल को दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई थी. इसी मामले में रकीबुल की मां कौशल रानी को 10 वर्ष के कारावास की सजा दी गई थी, जबकि न्यायिक सेवा के तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी (बर्खास्त) मुश्ताक अहमद को 15 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी.
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अपील पर सुनवाई जारी रहेगी
हाईकोर्ट में रंजीत सिंह कोहली की ओर से दायर क्रिमिनल अपील अभी लंबित है, जिसमें सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले को निरस्त करने की मांग की गई है. फिलहाल, हाईकोर्ट ने केवल अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए उसे खारिज किया है. मुख्य अपील पर सुनवाई नियमानुसार आगे भी जारी रहेगी. इस आदेश के बाद रकीबुल को फिलहाल जेल में ही रहना होगा, जबकि उसकी सजा को चुनौती देने वाली अपील पर अंतिम निर्णय हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद होगा.
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