रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट
Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को राज्य सूचना आयुक्तों, लोकायुक्त और अन्य संवैधानिक संस्थाओं में नियुक्ति के मामले में अवमानना और जनहित याचिकाओं की सुनवाई एक साथ हुई. चीफ जस्टिस एमएस सौनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले में विस्तृत चर्चा की.
सुनवाई में महाधिवक्ता का जवाब
सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कोर्ट को बताया कि 25 मार्च 2026 को नियुक्ति संबंधी समिति की बैठक संपन्न हो गई है. बैठक में संवैधानिक पदों के लिए अनुशंसाएँ तैयार की गई हैं, लेकिन मुख्यमंत्री राज्य से बाहर होने के कारण फिलहाल नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है. महाधिवक्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया कि सरकार को कुछ समय की मोहलत दी जाए, ताकि सभी आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी कर नियुक्तियाँ की जा सकें.
अगली सुनवाई की तारीख
खंडपीठ ने महाधिवक्ता के जवाब को ध्यान में रखते हुए अगली सुनवाई 13 अप्रैल 2026 के लिए निर्धारित की है. इस दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार लोकायुक्त सहित अन्य संवैधानिक पदों पर नियुक्ति कर सकती है.
नियुक्ति प्रक्रिया की स्थिति
महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि नियुक्ति समिति की अनुशंसाएं तैयार हो चुकी हैं और सरकार इन पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करना चाहती है. इससे संबंधित जनहित याचिकाओं में भी कोर्ट ने महाधिवक्ता के जवाब को स्वीकार किया और सरकार को आवश्यक समय देने का संकेत दिया.
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कानूनी प्रक्रिया और आगे की संभावना
कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि संवैधानिक पदों पर रिक्तियों को लंबे समय तक खाली छोड़ना प्रशासनिक कार्य में बाधा उत्पन्न कर सकता है. इसलिए अगली सुनवाई तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है. 13 अप्रैल की सुनवाई में कोर्ट इन नियुक्तियों और याचिकाओं की प्रगति का जायजा लेगा और आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है. झारखंड हाईकोर्ट ने संवैधानिक संस्थाओं में नियुक्तियों को लेकर प्रक्रिया को संतुलित रखते हुए सरकार को समय और दिशा दोनों प्रदान की है.
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