कुलपतियों के लिए महामहिम का नया फरमान, अब साल में सिर्फ 15 दिन की ड्यूटी लीव

राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के लिए ड्यूटी लीव लेना अब पहले जैसा आसान नहीं होगा. राज्यपाल ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत कई प्रतिबंध लगाए गए हैं.

संजीव सिंह, रांची

राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के लिए अब ड्यूटी लीव लेना आसान नहीं होगा. राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने ड्यूटी लीव को लेकर नयी गाइडलाइन जारी की है. इसके तहत कुलपति को ऑफिशियल एकेडमिक या प्रोफेशनल ड्यूटी, जैसे कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप, सेमिनार और मीटिंग के लिए एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 15 दिन की ड्यूटी लीव ही मिलेगी.

शैक्षणिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए ही मिलेगी ड्यूटी लीव

गाइडलाइन के अनुसार, शैक्षणिक हित से जुड़े विषयों पर किसी अन्य संस्थान या विवि में आयोजित कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप, सेमिनार या मीटिंग में भाग लेने के लिए ड्यूटी लीव ली जा सकेगी. हालांकि, गेस्ट स्पीकर या की-नोट स्पीकर के रूप में व्यक्तिगत तौर पर शामिल होने पर ड्यूटी लीव मान्य नहीं होगी. ऑनलाइन माध्यम से ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होने पर भी ड्यूटी लीव नहीं मिलेगी.

लोक भवन, राज्य सरकार, यूजीसी या अन्य शैक्षणिक निकायों द्वारा नियुक्त प्रतिनिधिमंडल या समिति में सेवा देने अथवा किसी अन्य आधिकारिक दायित्व के निर्वहन के लिए ही ड्यूटी लीव स्वीकृत की जा सकेगी.

ये भी पढ़ें: अब सदर अस्पताल रांची में बच्चों की न्यूरो संबंधी बीमारियों का भी होगा इलाज, 7 सितंबर से शुरू होगी पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी ओपीडी

कार्यक्रम से सात दिन पहले देना होगा आवेदन

ड्यूटी लीव की स्वीकृति के लिए कुलपति को निर्धारित कार्यक्रम की तिथि से कम से कम 7 दिन पहले आवेदन देना होगा. ड्यूटी लीव पर लिया गया निर्णय अंतिम होगा.

स्वीकृति नहीं मिलने पर सीएल या इएल

राजभवन ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी लीव स्वीकृत नहीं होने की स्थिति में कुलपति को नियमानुसार आकस्मिक अवकाश (सीएल) या अर्जित अवकाश (इएल) दिया जा सकता है. गाइडलाइन में तय परिस्थितियों के अलावा किसी अन्य स्थिति में ड्यूटी लीव स्वीकृत नहीं की जायेगी.

अब तक नहीं था ड्यूटी लीव को लेकर स्पष्ट नियम

कुलपति विश्वविद्यालय के दायित्वों के अलावा समय-समय पर अन्य संस्थानों में आयोजित कान्फ्रेंस और मीटिंग में शामिल होने के लिए ड्यूटी लीव का अनुरोध करते रहे हैं. अब तक ड्यूटी लीव को लेकर कोई स्पष्ट नियम या परिपत्र नहीं था.

ये भी पढ़ें: राजधानी रांची में तेजी से फैल रहा स्वाइन फ्लू, 3 नए मरीजों की पुष्टि; जानें क्यों स्वास्थ्य विभाग ने हाथ मिलाने से भी किया मना

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By प्रतीक्षा कुमारी

प्रतीक्षा कुमारी को कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव है। वह फिलहाल प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में काम कर रही हैं। इससे पहले प्रतीक्षा The Followup के साथ भी काम कर चुकी हैं। अपने काम के दौरान इन्होंने झारखंड से जुड़ी स्थानीय, राजनीतिक, सामाजिक और आम लोगों से जुड़े मुद्दों की खबरें लिखने, एडिट करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पब्लिश करने का काम किया है। इसके साथ ही इन्हें न्यूज का वॉयस ओवर करने का भी अनुभव है। प्रतीक्षा खबरों को आसान, प्रभावी और दर्शकों की समझ के मुताबिक लिखने के साथ-साथ वीडियो के लिए स्क्रिप्ट तैयार करने और उसे अपनी आवाज में प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने का काम भी करती हैं। पत्रकारिता में उनकी खास दिलचस्पी झारखंड के स्थानीय मुद्दों, राजनीति, शिक्षा, रोजगार और आम लोगों से जुड़े विषयों पर खबरें तैयार करने और डिजिटल न्यूज कंटेंट बनाने में है।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >