रांची से प्रणव की रिपोर्ट
Alamgir Alam: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम आज यानी गुरुवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से जमानत पर बाहर हुए. आलमगीर आलम को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मई 2024 को गिरफ्तार किया था.
सुप्रीम कोर्ट से मिली थी जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार सुबह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीए संजीव लाल को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी थी. झारखंड हाईकोर्ट द्वारा पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीए संजीव लाल की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. सुनवाई के दौरान आलमगीर आलम की ओर से दलील दी गई कि इस मामले में उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है. न ही उनके यहां से किसी तरह की नकदी बरामद हुई है. ऐसे में उन्हें राहत मिलनी चाहिए. इसके अलावा पूर्व मंत्री के वकीलों ने उनकी बीमारी का भी हवाला देते हुए को जमानत की गुहार लगाई.
क्या था मामला?
ED ने आलमगीर आलम को 15 मई 2024 को टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था. यह कार्रवाई उनके करीबियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी में 32.20 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद होने के बाद हुई थी.
यह भी पढ़ें: झारखंड पुलिस में प्रमोशन पर ‘ब्रेक’: दारोगा से इंस्पेक्टर बनने की प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
यह भी पढ़ें: सहायक आचार्य नियुक्ति पर झारखंड हाइकोर्ट का बड़ा फैसला, JSSC को सीट सुरक्षित रखने का आदेश
यह भी पढ़ें: धनबाद में पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़, तेल की किल्लत की अफवाह से बिगड़े हालात
