रांची से विवेक चंद्रा की रिपोर्ट
Amba Prasad, रांची: कांग्रेस की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इस पूरे विवाद को सिर्फ पेपर लीक तक सीमित रखने से इनकार करते हुए एनटीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. अंबा प्रसाद ने कहा कि यह सिर्फ ‘नीट घोटाला’ नहीं है, बल्कि यह देश का सबसे बड़ा ‘एनटीए घोटाला’ है. उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराई जानी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है.
NTA की सभी 21 परीक्षाओं की निष्पक्षता पर उठे सवाल
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन (प्रेस कॉन्फ्रेंस) को संबोधित करते हुए अंबा प्रसाद ने कहा कि एनटीए देश में केवल नीट ही नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट और वैज्ञानिक क्षेत्रों सहित 21 से अधिक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में जिस एनटीए का गठन पारदर्शिता और केंद्रीकरण के नाम पर किया गया था, वह आज देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. इस वर्ष नीट परीक्षा में आई गड़बड़ियों के कारण देश के लगभग 23 लाख छात्र सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक शीर्ष स्तर पर कोई जवाबदेही तय नहीं की गई है.
Also Read: झारखंड प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब जूनियर्स को नहीं मिलेगा सीनियर पदों का स्वतंत्र प्रभार
बड़े अफसरों को बचा रही सरकार : अंबा प्रसाद
पूर्व विधायक ने केंद्र सरकार के रवैये पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पेपर लीक मामले में अब तक केवल कुछ कोचिंग संचालकों, दलालों और छोटे व्यापारियों पर ही कार्रवाई की गई है, जबकि असली दोषी शिक्षा मंत्रालय और एनटीए प्रबंधन के शीर्ष पदों पर बैठे हैं, जिन्हें छूने की भी कोशिश नहीं की जा रही है. सुश्री प्रसाद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नीट जैसी प्रतिष्ठित और अति-सुरक्षित परीक्षा प्रभावित हो सकती है, तो एनटीए द्वारा आयोजित की जाने वाली अन्य सभी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर भी सवाल उठना बिल्कुल स्वाभाविक है.
कड़े कानून और दोषियों को मिले कठोरतम सजा
कांग्रेस नेता ने देश की परीक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए एक विशेष और कड़ा कानून बनाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि भविष्य में पेपर लीक जैसे मामलों को रोकने के लिए विशेषज्ञ जांच एजेंसियों का गठन होना चाहिए और इस अपराध में शामिल बड़े से बड़े दोषियों के लिए कठोरतम सजा का कानूनी प्रावधान होना चाहिए. इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा और प्रवक्ता सोनल शांति समेत पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता मुख्य रूप से उपस्थित थे.
Also Read: नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करना पड़ा भारी, पॉक्सो की अदालत ने सुनाई 20 साल की सजा
