Jharkhand: कोल मिनिस्ट्री ने TVNL के 148.50 करोड़ रुपये किये सीज, कोल ट्रिब्यूनल में दी चुनौती

टीवीएनएल के लातेहार जिले में इएंडडी राजहरा कोल ब्लॉक को अब तक शुरू नहीं करने के कारण केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने बैंक गारंटी सीज कर ली है. साथ ही कोल ब्लॉक आवंटन को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है. दूसरी ओर टीवीएनएल प्रबंधन ने कोयला मंत्रालय के इस फैसले को कोल ट्रिब्यूनल में चुनौती दी है.

Jharkhand News Update : टीवीएनएल के लातेहार जिले में इएंडडी राजहरा कोल ब्लॉक को अब तक शुरू नहीं करने के कारण केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने बैंक गारंटी सीज कर ली है. वहीं इस कोल ब्लॉक के आवंटन को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है. दूसरी ओर टीवीएनएल प्रबंधन ने कोयला मंत्रालय के इस फैसले को कोल ट्रिब्यूनल में चुनौती दी है. कोयला मंत्रालय ने कोल ब्लॉक से उत्पादन नहीं होने के कारण देशभर की 16 कंपनियों को भी शो कॉज नोटिस जारी किया है. इनमें झारखंड की भी कई कंपनियां शामिल हैं.

198 करोड़ में 148.50 करोड़ की बैंक गारंटी सीज

2015 में टीवीएनएल को भी कोल ब्लॉक आवंटित किया गया था, लेकिन आठ साल के बाद भी टीवीएनएल की ओर से कोल उत्पादन शुरू नहीं किया जा सका. कोयला मंत्रालय की शर्तों को पूरा नहीं करने की सूरत में अब कोयला मंत्रालय ने टीवीएनएल द्वारा जमा किये गये 198 करोड़ में से 75 प्रतिशत राशि यानी 148.50 करोड़ की बैंक गारंटी सीज कर ली है. साथ ही कोल ब्लॉक को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.

जेएसएमडीसी कोल ब्लॉक की बैंक गारंटी भी हुई थी सीज

जनवरी में जेएसएमडीसी को आवंटित पाताल कोल ब्लॉक की बैंक गारंटी सीज करते हुए कोयला मंत्रालय ने इसे भुना लिया था. केंद्र ने जेएसएमडीसी की 52.68 करोड़ की बैंक गारंटी भुना ली. अब टीवीएनएल की बैंक गारंटी सीज कर ली है. गौरतलब है कि जेएसएमडीसी और टीवीएनएल दोनों ही राज्य सरकार की कंपनियां हैं.

कोयला मंत्रालय ने उठाया कदम

कोयला मंत्रालय की बैठक में 24 कोयला खदानों की समीक्षा की गयी. मंत्रालय ने बैठक के बाद कोल ब्लॉक आरंभ करने में देर की वजह से 16 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी की. वेदांता और एनटीपीसी के तीन-तीन ब्लॉक को उत्पादन नहीं करने पर नोटिस जारी की गयी, जबकि बिरला कॉपर लिमिटेड और कर्नाटक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को दो-दो ब्लॉक के लिए कारण बताओ नोटिस जारी की गयी. डीवीसी, पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड को भी नोटिस जारी की गयी है.

क्या है बैंक गारंटी

कोयला खदान आवंटन के बाद कंपनियों को कोयला मंत्रालय के पास खनन से पहले बैंक गारंटी जमा करनी पड़ती है. यह राशि खदान शुरू नहीं होने की स्थिति में मंत्रालय जब्त कर सकती है. इसके लिए कंपनियों को अपना पक्ष रखना पड़ता है. अगर कंपनी का खदान शुरू नहीं करने का पक्ष उचित होता है, तो राशि लौटा दी जाती है अन्यथा राशि जब्त कर ली जाती है.

क्या कहते हैं अधिकारी

बैंक गारंटी जब्त करने के मामले में हम कोल ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर बैंक गारंटी वापस करने की मांग की है. केंद्र की टीम ने बेहतर तरीके से कोल ब्लॉक का निरीक्षण नहीं किया था. हमारा काम बहुत हद तक आगे बढ़ चुका है. इसके बावजूद केंद्र ने बैंक गारंटी की 75 फीसदी राशि जब्त कर ली है.

अनिल शर्मा, एमडी, टीवीएनएल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >