रांची: झारखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (झारेरा) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र अभी शुरुआती दौर में है. इसे व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए रेरा कानून के प्रावधानों की सही जानकारी और प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है. उन्होंने कहा कि झारखंड में बिल्डिंग बायलॉज समेत रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े कई पहलुओं पर अभी काफी काम किया जाना बाकी है. झारेरा की ओर से रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के प्रभावी क्रियांवयन और इसके व्यावहारिक पहलुओं को लेकर रविवार को रांची के रेडिसन ब्लू होटल में एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया. सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक चले कार्यक्रम में रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में बिहार रेरा के अध्यक्ष विवेक सिंह बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे.
बिहार में रेरा बेहतर काम कर रहा है
झारेरा के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि बिहार रेरा के अध्यक्ष विवेक सिंह को मुख्य अतिथि बनाने का उद्देश्य बिहार में रेरा के कामकाज के अनुभवों को झारखंड के हितधारकों के साथ साझा करना है. उन्होंने कहा कि बिहार में रेरा बेहतर तरीके से काम कर रहा है और वहां के अनुभव से झारखंड को भी सीखने का अवसर मिलेगा. इससे राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को और व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.
होम बायर्स को खरीद से पहले दस्तावेज जांचने की सलाह
झारेरा के लीगल एडवाइजर रंजीत चौधरी ने कहा कि सेमिनार का मुख्य उद्देश्य रेरा कानून और उसके प्रावधानों को सभी स्टेकहोल्डर्स तक पहुंचाना है. खास तौर पर होम बायर्स को जागरूक करना जरूरी है, ताकि वे प्रॉपर्टी खरीदने से पहले संबंधित दस्तावेजों की जांच कर सकें और सुरक्षित तरीके से निवेश करें. उन्होंने कहा कि खरीदारों को परियोजना की रेरा में स्थिति, स्वीकृत नक्शा, जमीन से संबंधित दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात की जांच करनी चाहिये.
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कानून की जानकारी होने से व्यावहारिक समस्याओं का समाधान
बिहार रेरा के अध्यक्ष विवेक सिंह ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े लोगों की व्यावहारिक समस्याओं और कानूनी शंकाओं का समाधान होता है. उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी होने से स्टेकहोल्डर्स अपने अधिकारों और दायित्वों को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और इससे रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ती है. उन्होंने परियोजना पंजीकरण, प्रमोटर और आवंटियों के अधिकार एवं दायित्व, अनुपालन प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन, शिकायत निवारण और रेरा कानून के अन्य नियामकीय पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी.
विशेषज्ञों ने दिया सवालों का जवाब
इंटरैक्टिव सत्र में प्रतिभागियों ने रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े व्यावहारिक सवाल विशेषज्ञों के सामने रखे, जिनका समाधान बताया गया. कार्यक्रम में बिल्डर, प्रमोटर, डेवलपर, भूमि स्वामी, होम बायर्स, बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के अलावा आर्किटेक्ट, चार्टर्ड अकाउंटेंट, इंजीनियर और अधिवक्ता शामिल हुए. आयोजकों के अनुसार ऐसे कार्यक्रमों से रेरा कानून के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और हितधारकों के बीच विश्वास मजबूत होगा.
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