रांची. विधायक सुरेश कुमार बैठा द्वारा अमर्यादित एवं असंसदीय भाषा का प्रयोग किये जाने पर झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ ( झासा) नाराज हो गया है. संघ की अध्यक्ष रंजीता हेंब्रम और महासचिव राहुल कुमार ने शुक्रवार को विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो से मुलाकात कर संघ की नाराजगी जाहिर करते हुए अग्रतर कार्रवाई की मांग की. इस बाबत ज्ञापन भी सौंपा.
अमर्यादित भाषा से संघ आहत
झासा के ज्ञापन में कहा गया है कि कांके विधायक सुरेश बैठा ने एक मार्च 2025 को एक यूट्यूब चैनल में अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए कहा है कि जो बीडीओ और सीओ नहीं सुनते हैं, उन्हें उठाकर पटक दीजिये. झासा ने लिखा है कि विधानसभा सदस्य द्वारा ऐसी भाषा का उपयोग किये जाने से झासा के सभी सदस्य आहत हैं. कार्य के प्रति तन-मन से समर्पण रहने के बाद भी यदि सदस्यों द्वारा पदाधिकारियों के लिए ऐसी अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाता है, तो इससे संघ के सदस्यों का मनोबल टूटता है. गांव, प्रखंड और अंचल स्तर पर विकास के सभी कार्य एवं सरकार की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन बीडीओ एवं सीओ द्वारा ही किया जाता है. पदाधिकारियों की तत्परता मंईयां सम्मान योजना के सफल क्रियान्वन से स्पष्ट परिलक्षित होती है.
स्पीकर मामले में संज्ञान लें
झासा ने ज्ञापन में लिखा है कि झारखंड विधानसभा के मुखिया होने के नाते संघ स्पीकर से यह आशा करता है कि वह इस मामले का संज्ञान लेंगे. विधायक द्वारा बोले गये अमर्यादित एवं असंसदीय शब्दों का संघ कड़े शब्दों में निंदा करता है.
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