फॉल्ट ढूंढ कर बनाने में लग गये सात घंटे, कोकर डिवीजन में घंटों गुल रही बिजली

झारखंड बिजली वितरण निगम द्वारा 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का दावा खोखला साबित हो रहा है.

रांची. झारखंड बिजली वितरण निगम द्वारा 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का दावा खोखला साबित हो रहा है. जेबीवीएनएल क्षेत्र के 33/11 केवीए कोकर रूलर सबस्टेशन से जुड़े 11 केवीए अयोध्यापुरी फीडर से जुड़े बड़े रिहायशी इलाके में मंगलवार दोपहर 1:40 बजे जो बिजली गयी, वह रात 08:00 बजे बहाल हो सकी. इस दौरान एक बड़े इलाके में सात घंटे से ज्यादा आपूर्ति बंद रही. यह स्थिति विकास सबस्टेशन को जोड़ने वाली 33 केवीए लाइन पर 11 केवीए एचटी तार के गिरने से उत्पन्न हुई थी. महावीर नगर के पास बिजली मिस्त्री मरम्मत के काम में जुटे रहे. यहां परेशानी इसलिए भी ज्यादा बढ़ गई कि इससे तार बुरी तरह से डैमेज हो गया था. देर शाम तक पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहा. यहां तक कि सारी स्ट्रीट लाइटें तक बुझ गयीं. बिजली कटने से रात भर लोग परेशान रहे.

जंपर काट कर आधे इलाके को दी गयी बिजली

मंगलवार का फॉल्ट इतना बड़ा नहीं था कि इसके लिए दोपहर से रात आठ बजे तक बिजली काटी जाये. इधर, इस फीडर से सोमवार की रात से ही बिजली काफी देर तक गुल रही थी. यहां बाद में जंपर अलग कर आरएमसीएच सबस्टेशन से जोड़ कुछ देर के लिए बिजली उपलब्ध करायी गयी थी. फॉल्ट के चलते अयोध्यापुरी से आगे तक का इलाका और इससे जुड़े निचले इलाकों में बिजली संकट के चलते उपभोक्ता परेशान रहे.

फॉल्ट ठीक करने में लंबा वक्त लगा

कोकर रूलर पॉवर सबस्टेशन से जुड़े इस फीडर में ओवरहेडेड तारों के संपर्क में आने के चलते तकनीकी समस्या आयी. तकनीकी खराबी उत्पन्न हुई तो इसकी जानकारी इलाके के कनीय और सहायक अभियंता को दी गयी, वह मौके पर भी पहुंचे लेकिन तकनीकी कर्मचारियों ने इसे ठीक करने में लंबा वक्त लिया. फॉल्ट होने से पूरे इलाके की सप्लाई बंद हो गयी. बिजली कर्मचारियों का गैंग फॉल्ट ढूंढने के लिए पेट्रोलिंग पर निकला, दूसरी पेट्रोलिंग फीडर से जुड़े इलाके में हो रही थी. बिजली विभाग ने फॉल्ट को ढूंढने का काम शुरू तो किया, लेकिन कर्मचारियों को मामूली फॉल्ट ढूंढने में ही करीब एक घंटे लग गये. इसके अगले छह घंटे बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बहाल हो सकी.

हजारों लोगों की दिनचर्या खराब

सोमवार रात जब अयोध्यापुरी के लोग रात का डिनर कर बेड पर जाकर सोने की तैयारी कर रहे थे, उसी वक्त बिजली गुल हो गयी. पहले लोगों ने सोचा कि फ्यूज ठीक करने के लिए नियमित शटडाउन लिया गया होगा, पर जब आधा घंटा से ज्यादा गुजरने के बाद भी बिजली नहीं आयी तो उपभोक्ताओं ने बिजली ऑफिस का फोन करना शुरू किया. हालांकि सैंकड़ों फोन कॉल के बाद भी उपभोक्ताओं को कई घंटे बाद ही जाकर राहत मिल सकी. ज्यादातर लोगों के इन्वर्टर रात में ही डाउन हो गये जिससे लोगों की दिनचर्या खराब हो गयी. इन दिनों गर्मी थोड़ी कम है, इससे बहुत ज्यादा परेशानी नहीं हुई, वरना इतनी लंबी कटौती से रेजिडेंट्स को ज्यादा परेशानी होती.

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Published by: Praveen

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