Indian Railway : छठ पर रांची से बिहार जाने वाली ट्रेनें फुल, फ्लाइट का किराया दोगुना

Indian Railway : छठ पर रांची से बिहार जाने वाली ट्रेनें फुल हो चुकीं हैं. टिकट के लिए लंबी वेटिंग नजर आ रही है. हटिया-पटना, वंदे भारत, जनशताब्दी समेत सभी ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं है. स्पेशल ट्रेन भी नाकाफी है. लोग बस-कार से विकल्प तलाश रहे हैं. रांची-पटना फ्लाइट का किराया दोगुना हो गया है. यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है.

Indian Railway : छठ पूजा में रांची से बिहार जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों को आरक्षित सीटें नहीं मिल रही हैं. जिसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. यात्री अब बसों या निजी वाहनों से यात्रा के विकल्प तलाश रहे हैं. रेलवे द्वारा छठ को लेकर स्पेशल ट्रेनें चलायी जा रही हैं, लेकिन यह व्यवस्था यात्रियों के लिए नाकाफी साबित हो रही है. 26 अक्तूबर को रांची रेल डिविजन से पटना के लिए आधा दर्जन ट्रेनें चलेंगी, लेकिन किसी भी ट्रेन में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है.

हटिया-पटना ट्रेन के स्लीपर में 99 वेटिंग, थर्ड एसी में 63 वेटिंग और टूएसी में 26 वेटिंग है. रांची-पटना वंदे भारत ट्रेन में चेयरकार में 58 वेटिंग और एग्जीक्यूटिव क्लास में 13 वेटिंग है. रांची-पटना जनशताब्दी में टूएस में 200 वेटिंग और चेयरकार में 37 वेटिंग है. रांची-पाटलीपुत्रा एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में 71 वेटिंग, थर्ड एसी में 30 वेटिंग और टूएसी में 15 वेटिंग है. रांची-गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास में 57 वेटिंग, थर्ड एसी में 43 वेटिंग और टूएसी में 10 वेटिंग है. रांची-आरा ट्रेन के स्लीपर क्लास में 118 वेटिंग है, जबकि थर्ड एसी और टूएसी में वेटिंग टिकट भी नहीं दिया जा रहा है.

राउरकेला-जयनगर ट्रेन के स्लीपर क्लास में 142 वेटिंग और थर्ड एसी में 87 वेटिंग है. वहीं 25 अक्तूबर को चलने वाली स्पेशल ट्रेन के स्लीपर क्लास में 47 वेटिंग और थर्ड एसी में 11 वेटिंग है. इधर, 25 अक्तूबर को रांची-पटना फ्लाइट का किराया आम दिनों की तुलना में दोगुणा हो गया है, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गयी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >