रांची. झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सह झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि लीगल लिटरेसी क्लब का मुख्य उद्देश्य सुदूर क्षेत्रों में भी विधिक साक्षरता क्लब की स्थापना करना है. राज्य तब तक विकास नहीं कर सकता, जबतक सुदूर क्षेत्रों का विकास न हो. लोगों को जागरूक करना जरूरी है. न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने राज्य के 72 डीएवी स्कूलों के लीगल लिटरेसी क्लब के ऑनलाइन उदघाटन समारोह में कही. कार्यक्रम का आयोजन डोरंडा स्थित झालसा के मुख्यालय न्याय सदन में हुआ.
विद्यार्थी अपने आसपास के लोगों को करेंगे जागरूक
उन्होंने कहा कि लीगल लिट्रेसी क्लब से शिक्षा लेकर विद्यार्थी अपने आसपास के लोगों को बतायेंगे कि बाल विवाह, बाल श्रम, दहेज प्रथा, मानव तस्करी, डायन प्रथा सहित अन्य सामाजिक कुरीतियों से कैसे बचा जा सकता है. साथ ही कानूनी प्रावधान व सजा की जानकारी दी जा सकती है. विशिष्ट अतिथि झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पीके श्रीवास्तव ने कहा कि झालसा का उद्देश्य वंचित बच्चों काे एक मंच प्रदान करना और उन्हें मुख्य धारा में लाना है. इस दौरान झालसा के प्रोजेक्ट सुरक्षा का शुभारंभ किया गया. स्वागत भाषण झालसा सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना और धन्यवाद झालसा के उपसचिव अभिषेक कुमार ने किया.विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम आशुतोष कुमार गुप्ता, द्वितीय पारस कुमार माजी, तृतीय सोनू कुमार, निबंध प्रतियोगिता में प्रथम दीपू कुमारी, द्वितीय हादिया काजमी और तृतीय पुरस्कार सावित्री कुमारी को मिला. साथ ही मेघा कुमारी, सपना एक्का, मोनिका उरांव, रिया टोप्पो, पूनम उरांव, मनी एक्का, निलिमा तिर्की, प्रियंका कुमारी, नीतू कुमारी, शिवानी कुमारी, काजल तिर्की, संतोषी बेक, एलेन मिताली टोप्पो, सुखमंती टोप्पो, मोनिका कच्छप, भारती कुमारी, शिल्पा उरांव, रीना कुमारी, सुशीला उरांव व सोनी उरांव को भी पुरस्कृत किया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
