रांची: 2013 बैच के IAS अधिकारी आशीष मोदी के ओबीसी प्रमाणपत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस मामले में केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने झारखंड सरकार को पत्र भेजकर आशीष मोदी के ओबीसी प्रमाणपत्र से संबंधित तथ्यों की स्पष्ट जानकारी मांगी है. विभाग ने राज्य सरकार से पूरे मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है.
आशीष मोदी वर्तमान में राजस्थान के सीकर जिले के कलेक्टर पद पर नियुक्त हैं. आरोप है कि वह सामान्य श्रेणी से आते हैं, जबकि यूपीएससी में उनका चयन ओबीसी श्रेणी के तहत हुआ था. यह भी आरोप लगाया गया है कि ओबीसी श्रेणी का लाभ मिलने के कारण 350वीं रैंक के बाद भी उन्हें आईएएस सेवा आवंटित हुई. हालांकि, इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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राजस्थान से आकर गिरिडीह में बसा था परिवार
बताया जाता है कि आशीष मोदी का परिवार मूल रूप से राजस्थान के फतेहपुर का रहने वाला था और बाद में गिरिडीह आकर बस गया. इसी पृष्ठभूमि में उनके जाति प्रमाणपत्र और ओबीसी श्रेणी के दावे को लेकर सवाल उठे हैं. मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए डीओपीटी ने झारखंड सरकार से संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट मांगी है.
पहले मिला था नगालैंड कैडर
यूपीएससी के माध्यम से आइएएस में चयन के बाद आशीष मोदी को प्रारंभ में नगालैंड कैडर आवंटित किया गया था. बाद में राजस्थान कैडर की आईएएस अधिकारी भारती दीक्षित से विवाह के बाद उनका कैडर राजस्थान स्थानांतरित कर दिया गया. फिलहाल वह राजस्थान के सीकर जिले के कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं.
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