ओके--मोरहाबादी के सिंदवारटोली में बोरिंग व एचवाइडीटी फेल, निगम के टैंकर पर निर्भर हैं 10 हजार लोग

गर्मी शुरू होते ही रांची में कई जगहों पर शुरू हो गयी है पेयजल की समस्या. कपड़ा धोने के बाद उस पानी को लोग जमा करके रखते हैं, उसका इस्तेमाल दूसरे काम में करते हैं.

रांची. गर्मी शुरू होते ही रांची में कई जगहों पर पेयजल की समस्या शुरू हो गयी है. मोरहाबादी के वार्ड नंबर तीन स्थित सिंदवारटोली के लोग भी इन दिनों पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं. यहां पाइपलाइन तो बिछी हुई है, लेकिन घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया है. यहां कुछ लोगों ने अपने घरों में बोरिंग करायी है, लेकिन भूमिगत जलस्तर नीचे चले जाने के कारण ज्यादातर बोरिंग सूख गयी है. इस क्षेत्र में नगर निगम की ओर से लगाये गये दो एचवाइडीटी भी फेल हो गये हैं. एक एचवाइडीटी जतराटांड़ और एक एचवाइडीटी ऊपरकोचा में लगाया गया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि फरवरी से ही इससे पानी नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में लोगों को पानी के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है. यहां रहने वाले ज्यादातर लोग नगर निगम के वाटर टैंकर पर निर्भर हैं. नगर निगम की ओर से वाटर टैंकर के माध्यम से लोगों तक पानी पहुंचाया जा रहा है. यहां की आबादी लगभग 10 हजार है.

निजी टैंकर से पानी मंगा कर भर रहे टंकी

मोहल्ले के लोग निजी वाटर टैंकर से भी पानी मंगा कर अपने घर की टंकी भर रहे हैं. इसके लिए उन्हें 1500 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं. लोगों ने बताया कि चार-पांच घर वाले मिल कर निजी टैंकर से पानी मंगा कर टंकी भरते हैं. वहीं, कुछ लोग कुआं से भी पानी भरते हैं.

आज तक सप्लाई का पानी नहीं पहुंचा

स्थानीय महावीर उरांव ने बताया कि मोहल्ले में पेयजल की बहुत समस्या है. सुबह होते ही पानी के लिए भाग-दौड़ शुरू हो जाती है. कई बार आस-पास के अपार्टमेंट से पानी मांगना पड़ता है. 10 साल पहले पाइपलाइन बिछायी गयी थी. लेकिन, आज तक सप्लाई का पानी नहीं पहुंचा है.

बोले स्थानीय लोग

कई लोग पानी खरीद कर काम चला रहे हैं. यहां के लोग पूरी तरह से नगर निगम के वाटर टैंकरों पर निर्भर हैं. यहां पर निगम द्वारा लगायी गयी पानी टंकी से भी फरवरी माह से पानी नहीं आ रहा है.

महेश तिर्की

यहां पानी की बड़ी समस्या है. कई बार निगम का टैंकर ऐसे समय में आता है, जब लोग काम के लिए निकल जाते हैं. ऐसे में पानी नहीं मिल पाता है. फिर, इधर-उधर से पानी की व्यवस्था करते हैं.

अभिषेक टोप्पो

पानी की समस्या को देखते हुए कपड़ा धोने के बाद उस पानी को फेंकते नहीं हैं. उसे जमा करके रखते हैं. उसका इस्तेमाल दूसरे काम के लिए करते हैं. मोहल्ले की ज्यादातर बोरिंग फेल हो गयी है.

शांति देवीB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAJIV KUMAR

RAJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >