संस्कार व संस्कृति की पहचान है हिंदी

स्कूलों में हिंदी दिवस मनाया गया

प्रतिनिधि, पिपरवार : हिंदी हमारे संस्कार और संस्कृति की पहचान है. हिंदी राष्ट्र भाषा के रूप में देश की एकता और अखंडता का प्रतीक भी है. उक्त बातें पिपरवार के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर पुरानी राय में शनिवार को हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक गणेश महतो ने बतौर मुख्य अतिथि कही. उन्हाेंने बच्चों को हिंदी पर जोर देने को कहा. हिंदी दिवस पर विद्यालय में प्रश्न मंच प्रतियोगिता आयोजित की गयी. इसका शुभारंभ प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों से प्रश्न पूछ कर किया. प्रतियोगिता में कक्षा प्रथम से कक्षा दशम तक के भैया-बहन शामिल हुए. प्रतियोगिता में शिशु वर्ग में हर्षिता, राजनंदिनी व अश्विनी की टीम प्रथम स्थान पर रही. वहीं, नव्या, स्वाति व अमित की टीम द्वितीय और विराट, अंकुश व सोनम की टीम तृतीय स्थान पर रही. इसी तरह बाल वर्ग में करण, बमबम व श्रुति, प्रिंस, प्रेम व अनुभव तथा भाविका, नीतू व सनोवर की टीम क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रही. भैया-बहनों से हिंदी पाठय-पुस्तकों से लेखक, कवि व व्याकरण से भी संबंधित प्रश्न पूछे गये. विजेता प्रतिभागियों को प्रधानाध्यापक गणेश महतो ने पुरस्कृत किया. संचालन राजेंद्र महतो व सुरेंद्र पाल ने किया. इधर, डीएवी स्कूल, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर पिपरवार, राजकीयकृत उच्च विद्यालय बचरा में भी हिंदी दिवस मनाया गया. स्कूलों में बच्चों ने कविता पाठ किया व हिंदी भाषा को विकसित करने वाले साहित्यकारों के प्रति आभार जताया.

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