राणा प्रताप सिंह
Ranchi: झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने प्रखंड कार्यालय में दैनिक वेतन भोगी के रूप में ड्राइवर के रूप में कार्यरत गुलाम खां की ओर से सेवा नियमितिकरण को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रार्थी व सरकार का पक्ष सुना. मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने कहा कि 10 वर्षों से अधिक और लंबे समय से कार्यरत कर्मी की सेवा नियमित करने से इनकार नहीं किया जा सकता है. नियमित नहीं करने से संबंधित आदेश को अदालत ने निरस्त कर दिया और राज्य सरकार को प्रार्थी की सेवा नियमित करने का निर्देश दिया.
गुलाम खां के पक्ष में सुनाया फैसला
इसके साथ ही अदालत ने मामले को निष्पादित भी कर दिया. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता रिंकू भकत ने पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि बोकारो के कसमार प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यालय में प्रार्थी 1986 से लगातार ड्राइवर का काम कर रहा है. राज्य सरकार की सेवा नियमितीकरण नियमावली भी है. सेवा नियमित करने से संबंधित प्रार्थी सभी अर्हता पूरी करता है. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी गुलाम खां ने याचिका दायर कर अपनी सेवा नियमित करने की मांग की थी.
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