मनोज सिंह
Ranchi: कोयला मंत्रालय, भारत सरकार के उच्चस्तरीय निरीक्षण दल के द्वारा बुधवार को सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मुख्यालय में राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन की व्यापक समीक्षा की गई. समीक्षा डॉ माणिक चंद्र पंडित, आर्थिक सलाहकार एवं राजभाषा प्रभारी, कोयला मंत्रालय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ. निरीक्षण दल में मंत्रालय के सहायक निदेशक (राजभाषा) विशाल तथा वरिष्ठ प्रबंधक (हिंदी) दिलीप कुमार सिंह भी शामिल थे. दल ने सीसीएल मुख्यालय के विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग, राजभाषा नीति के अनुपालन तथा हिंदी के प्रोत्साहन हेतु किए जा रहे प्रयासों का गहन अवलोकन किया.
हिंदी संवर्ग के रिक्त पदों को भरने पर जोर
इस अवसर पर सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में राजभाषा कार्यान्वयन से संबंधित एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया. प्रेजेंटेशन में प्रशासनिक, तकनीकी और डिजिटल कार्यों में हिंदी के बढ़ते उपयोग, राजभाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं जनसंपर्क माध्यमों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग की जानकारी साझा की गई. बैठक के दौरान हिंदी संवर्ग के रिक्त पदों को भरने की कार्ययोजना, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए राजभाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार और आगामी संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई.
कई कोलयरी क्षेत्र की हुई समीक्षा
निरीक्षण दल ने सीसीएल मुख्यालय के साथ-साथ रजरप्पा, बोकारो एवं करगली, कथारा एवं ढोरी क्षेत्रों में राजभाषा कार्यों की समीक्षा की. डॉ माणिक चंद्र पंडित ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हिंदी के प्रयोग को और अधिक सरल, व्यवहारिक एवं जनसुलभ बनाने के लिए निरंतर नवाचार किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि राजभाषा का प्रभावी क्रियान्वयन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जनसंपर्क को सशक्त बनाने का माध्यम है.
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