हेमंत सोरेन सरकार की पहल, झारखंड में घर बैठे बन रहा आयुष्मान कार्ड, वो भी बिल्कुल मुफ्त

आयुष्मान भारत- मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ‘आपके द्वार आयुष्मान’ की शुरुआत की गयी है. इसके तहत राज्य के सभी गुलाबी, पीला और हरा राशन कार्डधारी ‘आपके द्वार आयुष्मान’ योजना का लाभ उठा सकते हैं. बिना किसी शुल्क के आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं.

झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने एक नयी पहल की है. अब घर बैठे आपका आयुष्मान कार्ड बन जायेगा. जी हां. घर बैठे आपका आयुष्मान कार्ड बनेगा. वो भी बिल्कुल मुफ्त. इसके लिए सरकार ने ‘आपके द्वार आयुष्मान’ अभियान की शुरुआत की है. इसके तहत सहिया दीदी घर-घर जाकर लोगों के ‘आयुष्मान कार्ड’ बना रही हैं. इतना ही नहीं, सीएचओ, आयुष्मान मित्र, प्रज्ञा केंद्रों एवं एजेंसियों के द्वारा भी आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे हैं. इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ता.

झारखंड में शुरू हुआ ‘आपके द्वारा आयुष्मान’ अभियान

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग झारखंड सरकार की ओर से यह जानकारी दी गयी है. सरकार की ओर से बताया गया है कि आयुष्मान भारत- मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ‘आपके द्वार आयुष्मान’ की शुरुआत की गयी है. इसके तहत राज्य के सभी गुलाबी, पीला और हरा राशन कार्डधारी ‘आपके द्वार आयुष्मान’ योजना का लाभ उठा सकते हैं. बिना किसी शुल्क के आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं.

संताल परगना में कलरप्लास्ट बना रहा आयुष्मान कार्ड

सरकार ने आयुष्मान कार्ड बनाने वाली राज्य की सभी एजेंसियों के नाम और उनके नोडल ऑफिसर का नाम एवं फोन नंबर भी जारी किया है. संताल परगना के साहिबगंज, दुमका, गोड्डा, देवघर, जामताड़ा और पाकुड़ जिला में आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी कलरप्लास्ट (Colourplast) को दी गयी है. इसके नोडल ऑफिसर अवनीश हैं. उनका फोन नंबर 7783866319 है.

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खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम की जिम्मेदारी मेडसेव को

खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम में इस काम के लिए मेडसेव (Medsave) का चयन किया गया है, जिसके नोडल ऑफिसर रवींद्र के अत्तर हैं. उनका फोन नंबर 9312880002 है. बोकारो, धनबाद और गिरिडीह में आयुष्मान कार्ड बनाने का काम जेफिर लिमिटेड (Zephyr Ltd.) को सौंपा गया है, जिसके नोडल ऑफिसर प्रभात त्रिपाठी हैं. उनका फोन नंबर 9650127107 है.

स्मार्ट आईटी को भी मिला है आयुष्मान कार्ड बनाने का काम

आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए एक और एजेंसी का चयन किया गया है, जिसका नाम है स्मार्ट आईटी (Smart IT). यह कंपनी चतरा, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, गढ़वा, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में काम करेगी. इसके नोडल अधिकारी संजय धानुका हैं, जिनका फोन नंबर 9339070709 है. अगर आप प्रज्ञा केंद्र में आयुष्मान कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो सभी जिलों बनवा सकते हैं. प्रज्ञा केंद्रों का नोडल पदाधिकारी प्रशांत को बनाया गया है. उनका फोन नंबर 8895089577 है.

कौन-कौन बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड

झारखंड सरकार की ओर से दी गयी जानकारी के मुताबिक, झारखंड के वे सभी लोग, जिनके पास गुलाबी, पीला और हरा राशन कार्ड है, आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं.

आयुष्मान कार्ड का शुल्क

झारखंड सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने साफ कर दिया है कि सभी योग्य लोगों के आयुष्मान कार्ड मुफ्त में बनेंगे. इसके लिए किसी प्रकार के शुल्क का भुगतान करने की जरूरत नहीं है.

आयुष्मान कार्ड के फायदे

अगर आप आयुष्मान कार्ड बनवा लेते हैं, तो आप किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी अस्पताल में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं. इस योजना के तहत प्रति वर्ष प्रति परिवार को 5 लाख रुपये तक कैशलेश इलाज कराने की सुविधा दी जाती है.

अधिक जानकारी के लिए कहां संपर्क करें

स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग झारखंड सरकार ने कहा है कि अगर इस योजना से जुड़ी कोई भी जानकारी चाहते हैं, तो इसके लिए टोल फ्री नंबर 1455/18003456540/140 पर संपर्क कर सकते हैं. यहां आपको अपने हर सवाल का जवाब मिल जायेगा.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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