हेमंत सोरेन से ईडी करेगी पूछताछ : पुलिस की सुरक्षा घेरे में सीएम आवास पहुंचेंगे अधिकारी

रैपिड एक्शन फोर्स, झारखंड आर्म्ड पुलिस, इंडियन रिजर्व बटालियन के साथ-साथ जिला पुलिस बल के हथियारबंद जवानों और डंडा पार्टी को भी तैनात किया जाएगा. जिला प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट की भी तैनाती होगी. ईडी ऑफिस और मुख्यमंत्री आवास के आसपास वाटर कैनन एवं वज्रवाहन की भी तैनाती की जाएगी.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शनिवार (20 जनवरी) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी उनके आवास में पूछताछ करने के लिए जाएंगे. सीएम से पूछताछ से पहले राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं. खासकर ईडी और मुख्यमंत्री आवास के आसपास शनिवार को भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेंगे. ईडी के अधिकारियों को हिनू रोड स्थित प्रवर्तन निदेशालय के रीजनल ऑफिस से एस्कॉर्ट करके सीएम आवास तक लाया जाएगा. मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले वाहनों को डायवर्ट करने की योजना है. बताया गया है कि रैपिड एक्शन फोर्स, झारखंड आर्म्ड पुलिस, इंडियन रिजर्व बटालियन के साथ-साथ जिला पुलिस बल के हथियारबंद जवानों और डंडा पार्टी को भी तैनात किया जाएगा. जिला प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट की भी तैनाती होगी. ईडी ऑफिस और मुख्यमंत्री आवास के आसपास वाटर कैनन एवं वज्रवाहन की भी तैनाती की जाएगी.

12 बजे सीएम आवास पहुंच सकती है ईडी की टीम

ईडी के अधिकारी शनिवार को दिन में 12 बजे कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास जा सकते हैं. इसके लिए राजधानी रांची में अलग-अलग जगहों पर 4,000 जवानों को तैनात किया जाएगा. ये जवान रेलवे स्टेशन, ईडी ऑफिस के अलावा मुख्यमंत्री आवास के आसपास भी तैनात किए जाएंगे. बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी ने सबसे पहले अगस्त 2023 में समन जारी किया था. इसके बाद एक-एक कर आठ समन जारी हो चुके हैं. आठवें समन के बाद मुख्यमंत्री ने ईडी के अधिकारियों से कहा कि वे 20 जनवरी को सीएम आवास में आकर पूछताछ कर सकते हैं.

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सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा था- जनता में बढ़ रहा आक्रोश

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि ईडी की ओर से बार-बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजे जा रहे समन से नाराज झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि ईडी के खिलाफ जनता का आक्रोश बढ़ रहा है. कहीं यह वीभत्स रूप न ले ले. सुप्रियो भट्टाचार्य ने पूछा था कि ईडी की सूचना जब पब्लिक डोमेन में नहीं है, तो मीडिया को इसकी जानकारी कैसे मिल जाती है. उनका कहना था कि ईडी की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से राज्य की जनता में आक्रोश है. इसलिए ईडी को अपनी पारदर्शिता और विश्वसनीयता बरकरार रखनी चाहिए. सुप्रियो भट्टाचार्य के इस बयान के बाद ईडी और मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई थी. पत्रकारों ने जब कानून-व्यवस्था बिगड़ने से संबंधित सवाल राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से पूछा, तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता. देश में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. ईडी अपना काम कर रहा है.

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By Mithilesh Jha

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