HEC रांची को मिले 300 करोड़ रुपये लेकिन नहीं मिला हिसाब, भारी उद्योग मंत्री का दावा

डॉ पांडेय से प्रतिनिधिमंडल ने एचइसी कर्मियों का बकाया वेतन भुगतान जल्द कराने की मांग की. इस पर उन्होंने कहा कि एचइसी आवासीय परिसर में वर्षों से दुकानों का लीज निर्धारण नहीं हुआ है. इस कारण करोड़ों रुपया बाजार में फंसा हुआ है

भारी उद्योग मंत्री डॉ महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा है कि स्मार्ट सिटी और अन्य स्रोतों से एचइसी को करोड़ों रुपये मिले हैं, लेकिन 300 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिल रहा है. इसकी जांच करायेंगे. उन्होंने कहा कि एचइसी का जल्द कल्याण होगा. एचइसी को लेकर जो प्रस्ताव बनाया गया है, वह वर्तमान में प्रधानमंत्री कार्यालय में विचाराधीन है.

इस पर जल्दी ही निर्णय लिया जायेगा. प्रस्ताव को लेकर अभी खुलासा नहीं कर सकते, लेकिन विश्वास है कि एचइसी को लेकर कुछ भी नकारात्मक नहीं होगा. मंत्री डॉ पांडेय से मंगलवार को सांसद संजय सेठ के नेतृत्व में एचइसी संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की.

एचइसी कर्मियों का वेतन भुगतान जल्द कराने की मांग :

इस अवसर पर डॉ पांडेय से प्रतिनिधिमंडल ने एचइसी कर्मियों का बकाया वेतन भुगतान जल्द कराने की मांग की. इस पर उन्होंने कहा कि एचइसी आवासीय परिसर में वर्षों से दुकानों का लीज निर्धारण नहीं हुआ है. इस कारण करोड़ों रुपया बाजार में फंसा हुआ है. कई कंपनियों के पास भी एचइसी का करोड़ों रुपया बकाया है.

एचइसी का करीब 28 करोड़ रुपया कैपिटल गेन के रूप में है. उसे वह जल्द निर्गत करने का प्रयास करेंगे. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्दी ही एचइसी कर्मियों का वेतन भुगतान होगा. श्री पांडेय ने बुधवार को भारी उद्योग सचिव व संयुक्त सचिव के साथ बैठ कर एचइसी के मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही. इस अवसर पर विनय जायसवाल, रमाशंकर, भवन सिंह, एसजे मुखर्जी, वेद सिंह, कृष्णमोहन सिंह, प्रेमसागर साहू, रामकुमार नायक, प्रकाश कुमार, शनि सिंह, जीतू लोहरा आदि उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >