15 अगस्त से तीन दिन तक झारखंड में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

झारखंड में तीन दिन तक बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है. कहा है कि कई जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी. इस दौरान लोगों को सावधान और सतर्क रहने के लिए कहा गया है. बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है.

झारखंड में 15 अगस्त से भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है. भारत मौसम विज्ञान केंद्र के रांची स्थित मौसम केंद्र ने इस संबंध में येलो अलर्ट जारी किया है. रविवार को जारी स्पेशल बुलेटिन में मौसम विभाग ने कहा है कि झारखंड में 15 अगस्त से 17 अगस्त 2023 तक भारी वर्षा की संभावना है. इन तीन दिनों तक लोगों को सावधान और सतर्क रहना चाहिए. कुछ विशष बातों का ध्यान रखने की सलाह भी मौसम केंद्र ने दी है.

स्वतंत्रता दिवस पर कैसा रहेगा झारखंड का मौसम?

मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2023) को प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे इलाकों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है. दक्षिण पूर्वी इलाकों में कोल्हान प्रमंडल के तीन जिलों (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां) के अलावा सिमडेगा जिला भी आता है. इनके साथ-साथ राजधानी रांची, रामगढ़, बोकारो और धनबाद में भी वर्षा होने की प्रबल संभावना है.

16 और 17 अगस्त को इन जगहों पर होगी भारी वर्षा

मौसम केंद्र ने 16 और 17 अगस्त को भी कुछ-कुछ जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना जतायी है. कहा है कि 16 अगस्त को झारखंड के पश्चिमी हिस्से में यानी गढ़वा, पलामू, लातेहार, गुमला, लोहरदगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है. 17 अगस्त को भी पश्चिमी झारखंड के साथ-साथ उससे सटे मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है.

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बारिश वाले जिलों के लिए मौसम विभाग का परामर्श

मौसम विभाग ने संभावित वर्षा वाले जिलों में बारिश के असर के बारे में बताया है, तो उससे बचने का परामर्श भी जारी किया है. कहा है कि वर्षा की वजह से कृषि और बागवानी फसल को नुकसान हो सकता है. अगर नये पौधे लगाये गये हैं, तो उसको भी मामूली नुकसान हो सकता है. जिन इलाकों में भारी वर्षा होगी, वहां जलजमाव की समस्या हो सकती है.

जल निकासी की व्यवस्था करें, तैयार सब्जियों को तोड़ लें

इसलिए किसानों को परामर्श दिया जाता है कि अपने खेतों से जल निकासी की उचित व्यवस्था कर लें. अगर फल और सब्जियां परिपक्व हो गयीं हैं, तो उसे तोड़कर सुरक्षित जगहों पर रख लें. जिन इलाकों में जलजमाव होता हो, उन इलाकों में तब तक जाने से बचें, जब तक पानी की निकासी न हो जाये.

जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें

इतना ही नहीं, किसानों और चरवाहों से कहा गया है कि वे अपनी और अपने मवेशियों की रक्षा करें. अगर मौसम खराब हो, तो बहुत जरूरी नहीं होने पर घरों से बाहर न निकलें. अगर पहले आप खेतों में चले गये हैं, तो सुरक्षित जगह पर शरण लें. किसी भी सूरत में किसी पेड़ या बिजली के पोल के आसपास न रहें.

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सबसे ज्यादा 44 मिलीमीटर वर्षा नंदाडीह में

बता दें कि झारखंड में पिछले 24 घंटे के दौरान कई जगहों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. राज्य में मानसून की गतिविधि सामान्य रही. सबसे अधिक 44 मिलीमीटर वर्षा गिरिडीह जिले के नंदाडीह में हुई. सबसे अधिक उच्चतम तापमान 34.2 डिग्री सेंटीग्रेड डालटेनगंज में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 24 डिग्री राजधानी रांची में दर्ज किया गया.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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