रांची. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने एससी-एसटी एक्ट में इडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच सीबीआइ या किसी स्वतंत्र एजेंसी को देने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की. इस दौरान अदालत ने प्रतिवादी का पक्ष सुना. इसके बाद अदालत ने उनके आग्रह को स्वीकार कर लिया तथा मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह के बाद की तिथि निर्धारित करने को कहा. इससे पूर्व प्रतिवादी राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता मनोज कुमार ने मामले में समय की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी इडी के सहायक निदेशक देवव्रत झा की ओर से क्रिमिनल रिट याचिका दायर की गयी है. कहा गया है कि गोंदा थाना में एससी-एसटी एक्ट के तहत इडी के अधिकारियों के खिलाफ सूचक (तत्कालीन मुख्यमंत्री) हेमंत सोरेन की ओर से प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. इस मामले में गोंदा पुलिस इडी के अधिकारियों को प्रताड़ित करने का प्रयास कर रही है. इसलिए एससी-एसटी एक्ट के तहत इडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज केस की जांच सीबीआइ या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गयी है.
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