रांची. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा-2016 से संबंधित मीना कुमारी व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की. इस दाैरान पक्ष सुनने के बाद अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई के लिए सात अप्रैल की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से मामले की सुनवाई करने का आग्रह किया गया. प्रतिवादी राज्य सरकार व झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन, अधिवक्ता संजय पिपरवाल उपस्थित थे.उल्लेखनीय है कि प्रार्थी मीना कुमारी व अन्य की ओर से अलग-अलग याचिका दायर कर नियुक्ति की मांग की गयी है. अंतिम चयनित अभ्यर्थियों से कम अंक लानेवाले कई अभ्यर्थियों की भी नियुक्ति की गयी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है. अदालत के आदेश के बाद आयोग द्वारा प्रकाशित मेरिट लिस्ट में कई गड़बड़ियां हैं. कहा गया कि प्रार्थियों की संख्या हजारों में है, ऐसे में एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया जाये, जो आयोग की मेरिट लिस्ट व अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत शिकायतों पर जांच करेगी तथा फैसला लेगी. यह भी बताया गया कि 3704 पद रिक्त हैं, उसे सरेंडर करना गलत होगा. बचे हुए रिक्त पदों पर प्रार्थियों की नियुक्ति की जाये.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
