अष्टम का भव्य स्वागत, सोशल मीडिया बोला- समय की रेत पर छोड़ते चलो निशां, देखे तुम्हें जमीं देखे आसमां

Prabhat Khabar Exclusive|Grand Welcome of Ashtam Oraon: सुखदेव उरांव लिखते हैं, ‘बधाई हो अष्टम. हमें तुम पर गर्व है.’ नरेश कुमार ने अष्टम के बारे में तो कुछ नहीं कहा है, लेकिन उन्होंने अपनी अभिव्यक्ति इस प्रकार से व्यक्त की है, ‘ये है मेरा झारखंड, जय झारखंड, जोहार झारखंड, हमार झारखंड.’

Prabhat Khabar Exclusive|Grand Welcome of Ashtam Oraon: फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप 2022 में भारतीय टीम का नेतृत्व करने वाली गुमला की बेटी अष्टम उरांव अपने घर लौट आयी है. गुमला में अष्टम उरांव का शुक्रवार को भव्य स्वागत किया गया. वहीं, सोशल मीडिया पर अष्टम की तारीफ के पुल बांधे गये. किसी ने भारत की महिला फुटबॉल टीम का नेतृत्व करने के लिए धन्यवाद दिया, तो किसी ने कहा कि उसे झारखंडी होने पर गर्व है.

सोशल मीडिया पर हो रही अष्टम उरांव की हौसला आफजाई

एस आस्था ने सोशल मीडिया पर अष्टम उरांव की तारीफ की. उन्होंने लिखा, ‘सबसे पहले तो अष्टम को फुटबॉल टीम की कैप्टन बनने पर बधाई और उज्ज्वल भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाएं.’ उन्होंने आगे लिखा, ‘समय की रेत पर छोड़ते चलो निशां…. देखे तुम्हें जमीं देखे आसमां…’

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अष्टम के नेतृत्व में भारत की महिला खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन

शेखर दास ने भारतीय महिला फुटबॉल टीम के खेल की प्रशंसा की. अष्टम और उसकी साथी खिलाड़ियों को बधाई दी. कहा कि अष्टम उरांव ने अमेरिका जैसी मजबूत टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया. अमेरिकी टीम शारीरिक और मानसिक रूप से तो मजबूत थी ही उनका टेक्निकल स्किल भी बहुत बढ़िया था. बावजूद इसके, अष्टम के नेतृत्व में भारतीय टीम की महिला खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया. वे अंत तक लड़ीं.

प्रतिभा को निखारने पर जोर दे AIFF

शेखर दास आगे लिखते हैं कि ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) को इन प्रतिभा को निखारने पर जोर देना चाहिए. इवेंट खत्म हो जाने के बाद उन्हें उनके हाल पर नहीं छोड़ देना चाहिए. शेखर ने कहा है कि अमेरिकी टीम में भी एक भारतीय मूल की खिलाड़ी थी. उसने मैच के दौरान अपना पूरा दम-खम दिखा दिया. अगर वह ऐसा प्रदर्शन कर सकती है, तो भारत की बेटियां क्यों नहीं कर सकतीं. इन्हें सिर्फ बेहतर ट्रेनिंग की जरूरत है. उन्हें उचित माहौल और सुविधाएं दी जाये.

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बधाई हो अष्टम, हमें तुम पर गर्व है: सुखदेव उरांव

सुखदेव उरांव लिखते हैं, ‘बधाई हो अष्टम. हमें तुम पर गर्व है.’ नरेश कुमार ने अष्टम के बारे में तो कुछ नहीं कहा है, लेकिन उन्होंने अपनी अभिव्यक्ति इस प्रकार से व्यक्त की है, ‘ये है मेरा झारखंड, जय झारखंड, जोहार झारखंड, हमार झारखंड.’ आसमान पुर्ति ने अष्टम का हौसला बढ़ाते हुए लिखा, ‘आगे बढ़ते रहो बहन.’ राजेश मुर्मू ने कहा, ‘वेल डन, गुड जॉब.’ जेठा मुर्मू ने इस तरह अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की, ‘शिखर की ओर बढ़ते रहो.’

अष्टम उरांव की वजह से बदल रही गांव की तस्वीर

उल्लेखनीय है कि मांड़-भात खाकर फुटबॉल की प्रैक्टिस करने वाली गुमला जिला की अष्टम उरांव की वजह से उसके गांव की तस्वीर बदल रही है. माता-पिता की किस्मत बदल गयी है. अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप 2022 के मैच से पहले ‘प्रभात खबर’ में छपी रिपोर्ट देखने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने टेलीविजन के साथ-साथ 15 कुर्सियां भी उसके घर पहुंचा दी थी. इसका वीडियो प्रभात खबर ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया, तो लोगों ने उपरोक्त प्रतिक्रिया दी.

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By Mithilesh jha

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