जितेन्द्र कुमार की रिपोर्ट
Ranchi: गेतलसूद डैम के अंतर्गत निर्माणाधीन सोलर पावर परियोजना से प्रभावित आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को गेतलसूद स्थित सेकी के बेस कैंप में प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का आरोप था कि सेकी के सीएसआर फंड का लगातार दुरुपयोग किया गया है. फर्जी बिल बनाकर करोड़ों रुपये का बंदरबांट किया गया है. यहां बिचौलिये हावी हैं. ग्रामीणों ने स्थानीय विकास और विस्थापितों के अधिकारों को पहली प्राथमिकता देने की मांग की. मुफ्त बिजली देने की मांग रखी. इस दौरान विस्थापित संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने सेकी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा.
प्रोजेक्ट को लगातार झेलना पड़ रहा है ग्रामीणों का आक्रोश
मौके पर मुख्य रूप से प्रमुख दीपा उरांव, पूर्व प्रमुख अनिता गाड़ी, मुखिया शांति मुंडा, जितेंद्र उरांव, अजय उरांव, कामेश्वर महतो, सूरज उरांव, कृष्णा महतो, जगेश्वर महतो, गौरीशंकर मुंडा, हरिनंदन गोस्वामी, राजेश लोहरा, बिट्टू उरांव, चंदन गोस्वामी, विवेक गोस्वामी, सुधीर महतो, राजन महतो, गणेश करमाली, सत्येंद्र मुंडा सहित भारी संख्या में आंदोलित ग्रामीण उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि गेतलसूद में सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के खिलाफ लगातार ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ रहा है.
18 मई को भी हुआ था घेराव और प्रदर्शन
बिचौलियों के हावी रहने एवं सीएसआर मद की राशि का बंदरबांट करने का आरोप लगाकर ग्रामीण क्रमबद्ध आंदोलन कर रहे हैं. विगत 18 मई को भी यहां घेराव व प्रदर्शन किया गया था, इसके बाद अंचल कार्यालय में आयोजित बैठक में भी सेकी के अधिकारी सीएसआर मद में खर्च की गई राशि का विवरण नहीं दे सके थे. ग्रामीण पूर्व में दिए गए ज्ञापन पर किसी प्रकार कार्रवाई नहीं होने से ज्यादा नाराज हैं.
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